Ahmedabad. ड्रग्स पकड़ने की जिम्मेदारी एसओजी की नहीं क्राइम ब्रांच की भी है। पुलिस आयुक्त की ओर से की गई इस टिप्पणी के बाद क्राइम ब्रांच इस दिशा में फिर सक्रिय हुई है। अहमदाबाद में हर महीने रेव पार्टी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है। इनके पास से 50 ग्राम से अधिक कोकेन बरामद की है, जिसकी कीमत 4 लाख रुपए है। पकड़े गए आरोपियों में युगांडा की एक महिला पेडलर भी शामिल है, जो मुंबई से कोकेन की डिलिवरी देने के लिए अहमदाबाद आई थी। क्राइम ब्रांच के उपायुक्त चैतन्य मांडलिक ने संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में आंबावाडी भूदरपुरा चार रास्ते के पास प्रकृति कुंज सोसायटी निवासी शालीन शाह (34), थलतेज मंदार बंगला निवासी आदित्य उर्फ ब्लैकी पटेल (41) और युगांडा के कंपाला जिले के वाकीसों की मूल निवासी असीमुल उर्फ केली जेम्स रिचेल ((26) शामिल है। क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर आरोपियों को आंबावाडी के भूदरपुरा चार रास्ते के पास से पकड़ा है। इनके पास से 50 ग्राम कोकेन बरामद की है। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन 3.28 लाख रुपए नकद, पासपोर्ट, एक कार सहित 29 लाख का मुद्दामाल जप्त किया है।
अहमदाबाद ग्राम्य, सुरेन्द्रनगर के फार्म में करते रेव पार्टी
मांडलिक ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि शालीन और आदित्य दोनों ही अहमदाबाद रूरल एवं सुरेन्द्रनगर के ग्रामीण इलाकों में स्थित फार्म हाऊस को किराए पर लेकर उसमें महीने में एक बार, कभी दो बार पार्टी करते थे। पार्टी में सिर्फ अपने नजदीकी मित्रों को ही बुलाते थे। 20-25 व्यक्ति ही होते थे। प्रति व्यक्ति 20-25 हजार रुपए लेते थे। हर व्यक्ति को एक ग्राम कोकेन देते थे। पूछताछ में पता चला कि ये बीते 4 साल से रेव पार्टी आयोजित कर रहे हैं। आदित्य के मुंबई में रहने वाले मित्र के जरिए चार साल पूर्व युगांडा निवासी सिल्वेस्टर से मुलाकात हुई थी। उसके जरिए मुंबई से कोकेन मंगाते।
8 बार आ चुकी है महिला पेडलर, वीजा अवधि खत्म
मांडलिक ने बताया कि जांच में पता चला कि महिला पेडलर असीमुल उर्फ केली करीब 8 बार ड्रग्स लेकर अहमदाबाद आ चुकी है। यह मुंबई निवासी पेडलर लिविंगस्टोन से कोकेन लेकर व उसे ही पैसा देती थी। एक ट्रिप के लिए इसे 10 हजार, खाना-पीना और होटल में ठहरने का किराया मिलता था। इसके अलावा भी अन्य पेडलर भी यहां आकर ड्रग्स दे चुके हैं। यह मेडिकल वीजा पर 4 साल पहले भारत आई थी। अभी यह अवैध रूप से भारत में रह रही है। केली नाम की अन्य युवती के पासपोर्ट पर भारत आई होने की आशंका है। इसके अलावा नाइजीरियन पैडलर से इन्हें अफ्रीका से अवैध रूप से आने वाली कोकेन मिलती होने की आशंका है। कोकेन की तस्करी में ज्यादातर अफ्रीकन महिलाएं पेडलर होने की बात सामने आई है। महिला कभी फ्लाइट, कभी ट्रेन और कभी निजी बसों में सफर करके अहमदाबाद आती थी।