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जिंदा पति का बनवा दिया मृत्यु प्रमाण-पत्र, बीमा कंपनी से ऐंठे १८ लाख

Ahmedabad, crime branch, husband, fake death certificate, Crime, fraud, insurance money क्राइम ब्रांच ने पीडि़त की पत्नी और एक डॉक्टर को पकड़ा, खुद पीडि़त पति ने ही खोली पोल, क्राइम ब्रांच पहुंचकर दी शिकायत  

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जिंदा पति का बनवा दिया मृत्यु प्रमाण-पत्र, बीमा कंपनी से ऐंठे १८ लाख

जिंदा पति का बनवा दिया मृत्यु प्रमाण-पत्र, बीमा कंपनी से ऐंठे १८ लाख

अहमदाबाद. जिंदा पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाकर उसके जरिए बीमा के साढ़े 18 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। इस मामले के पीडि़त पति ने ही पोल खोल दी। उसने बुधवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच कार्यालय जाकर इस संबंध में शिकायत दी, जिस पर कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने आरोपी पत्नी नंदा और मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज बनाने वाले चिकित्सक डॉ हरिकृष्ण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरार है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार सैजपुर बोघा निवासी पीडि़त निमेष मराठी ने खुद इस बाबत क्राइम ब्रांच में आकर शिकायत दी। जिसमें उसने पत्नी व उसके साथ के लोगों पर उसके (निमेष) जिंदा रहते हुए भी उसकी मृत्यु ६ मार्च २०१९ को हो गई है, उसका मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवा लिया। उसे दो अलग अलग बीमा कंपनियों में पेश कर निमेष की ओर से कराए गए उसके बीमा की क्लेम राशि भी ले ली। यह राशि करीब साढ़े १८ लाख रुपए है। ऐसा करके उसने विश्वासघात और ठगी की है।
आरोप है कि निमेष को बड़ी चतुराई से नंदा ने उसके गांव भेज दिया था। वापस लौटने पर आरोप है कि उसने उससे झगड़ा किया और घर से बाहर निकाल दिया। इस बीच निमेष को पता चला कि उसकी पत्नी ने तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा दिया है और उससे बीमा की राशि ले ली है। जिस पर उसने शिकायत दी। मृत्य प्रमाण पत्र बनवाने में उसकी मदद सरदारनगर निवासी रविन्द्र कोडेकर ने की थी। उसके जरिए डॉ हरिकृष्ण सोनी ने निमेष की मौत का फर्जी प्रमाण-पत्र दिया, जिसके आधार पर मनपा के जन्म एवं मृत्यु पंजीयन विभाग से मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करवा लिया। उसे बीमा कंपनियों में पेश कर क्लेम राशि ले ली। इस मामले में रविन्द्र की तलाश की जा रही है।