
IKDRC Ahmedabad: अहमदाबाद: एक ही दिन में किडनी के पांच क्रॉस ट्रांसप्लांट
अहमदाबाद. शहर के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसिज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी-किडनी अस्पताल) में एक ही दिन में चार राज्यों के पांच मरीजों को क्रॉस (स्वैप) किडनी ट्रांसप्लांट के जरिए नया जीवन मिल। ये सभी ट्रांसप्लांट जीवित दानदाता से मिली किडनी से किए गए हैं। इनमें दो राजस्थान के तथा एक गुजरात, एक बिहार और एक उत्तरप्रदेश से है।
अंग ट्रांसप्लांट के मामले में देश के अग्रणी सेंटरों में शामिल आईकेडीआरसी में न सिर्फ गुजरात बल्कि देश के कई राज्यों के मरीज ट्रांसप्लांट व उपचार के लिए आते हैं। जिन पांच मरीजों को नया जीवन मिला है उनमें एक महिला और चार पुरुष हैं।
पुरुषों को पत्नी, महिला को पति ने दी किडनीअलग-अलग राज्यों के इन मरीजों के लिए किडनी देने वालों में सभी चार पुरुषों को उनकी पत्नियों ने अपनी किडनी दी है। जबकि महिला को उसके पति ने अपनी किडनी देकर उसकी जिंदगी बचाई है।
यूरोलॉजी विभाग के डॉ. जमाल रिवजी के नेतृत्व में टीम ने इन पांचों मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट एक ही दिन में दिए। आमतौर पर इतनी संख्या में बहुत कम सेंटरों पर क्रॉस किडनी ट्रांसप्लांट होते हैं।
क्यों होती है क्रॉस ट्रांसप्लांट की जरूरतआईकेडीआरसी के निदेशक डॉ. विनीत मिश्रा के अनुसार जीवित दानदाता और मरीज की किडनी एक ही ग्रुप के नहीं होने के कारण क्रॉस ट्रांसप्लांट किया जाता है। जिसमें अलग-अलग दानदाता की मैच हुई किडनी मरीजों को लगाई जाती है। इसके लिए भी एक कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। उन्होंने बताया कि डॉ. जमाल रिजवी की टीम ने गत 26 नवम्बर को ये क्रॉस ट्रांसप्लांट किए। जिसके बाद सभी मरीजों की स्थिति अच्छी बताई जा रही है।
500 से अधिक हो चुके हैं क्रॉस ट्रांसप्लांट
डॉ. विनीत मिश्रा के अनुसार आईकेडीआरसी में अब तक 510 से अधिक मरीजों के किडनी ट्रांसप्लांट स्वैप प्रक्रिया से हो चुके हैं। अब तक जीवित दाताओं से मिली 5275 किडनी मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि क्रॉस ट्रांसप्लांट के चलते लोगों को केडेवर दाता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हाल में गुजरात में केडेवर दाता से किडनी पाने के लिए 1100 मरीजों की कतार है।
Published on:
29 Oct 2023 10:44 pm
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