
Ahmedabad भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद (आईआईएम-ए) अब विदेश में भी पैर पसार रहा है। संस्थान दुबई में अपना केन्द्र शुरू करेगा। इसकी घोषणा शनिवार को आईआईएम-ए के 60वें दीक्षांत समारोह पर संस्थान के निदेशक प्रो.भरत भास्कर ने की।
उन्होंने कहा कि आईआईएम-ए दुबई में अपना अंतरराष्ट्रीय केन्द्र शुरू करने जा रहा है। केन्द्र में सितंबर 2025 से पहला कोर्स शुरू होगा। ये किसी भी आईआईएम का विदेश में पहला केन्द्र होगा। उन्होंने एक नए केस पद्धति शिक्षा उत्कृष्टता केन्द्र की स्थापना की भी घोषणा की। समारोह में 1966 में स्नातक हुए पहले बैच के कई पूर्व छात्र भी उपस्थित रहे।
समारोह के मुख्य अतिथि एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने छात्रों से कहा कि नवाचार और सहयोग करना जारी रखें। नवाचार के लिए जिज्ञासा की संस्कृति, असफलता का सामना करने की ताकत और जवाब खोजने की भूख जरूरी है। इसरो में इतने वर्षों में कई चुनौतियों का सामना किया। प्रत्येक विफलता ने फिर से प्रयास करने, बेहतर समाधान खोजने और अधिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के संकल्प को मजबूत किया।
आईआईएमए के शासी मंडल के अध्यक्ष पंकज पटेल ने कहा कि तेजी से बदलती व्यावसायिक दुनिया में आगे बढ़ने के लिए लचीले बने रहने और अपने कौशल को लगातार निखारते रहना चाहिए। परिस्थितियों के अनुकूल ढलने, बदलाव को अपनाने और नए कौशल सीखने की क्षमता आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी।
समारोह में 630 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। इनमें 22 को पीएचडी, 405 को एमबीए-पीजीपी, 45 को एमबीए-एफएबीएम और 158 को एमबीए-पीजीपीएक्स की डिग्री दी गई।
Updated on:
30 Mar 2025, 10:20 PM IST
Published on:
30 Mar 2025, 10:20 PM IST
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