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Ahmedabad: अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को आसरा देने वाला लल्ला बिहारी 6 दिन के रिमांड पर

-क्राइम ब्रांच ने राजस्थान से पकड़ा था, अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी है बाकी

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lalla bihari

Ahmedabad. शहर के चंडोला तालाब में अवैध रूप से अतिक्रमण करके मकान, दुकान, पार्टी प्लॉट, पार्किंग बनाने और घुसपैठ कर आए अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को आसरा देने के आरोप में गिरफ्तार लल्ला उर्फ लला बिहारी उर्फ मेहमूद पठान (60) को शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर सत्र अदालत में पेश किया गया।

क्राइम ब्रांच ने आरोपी को राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के झेर गांव से पकड़ा था। आरोपी के 14 दिन के रिमांड की मांग की। अदालत ने आरोपी का 6 दिन का रिमांड मंजूर किया है।क्राइम ब्रांच ने रिमांड के लिए 21 कारण बताए। इसमें कहा कि आरोपी ने चंडोला तालाब में गैरकानूनी मकान, दुकान,गोदाम में बिजली बिल का कनेक्शन मिला है। यह कनेक्शन कैसे लिया, इसके लिए टोरेंट कंपनी में कौन-कौन से दस्तावेज दिए, किसकी मंजूरी से कनेक्शन लिया, उसकी जांच को कस्टडी जरूरी है। इसके साथी कारीगर व अन्य आरोपी अहमद शेख, रहेनाबीबी पठान, कुसनूबानू शाह फरार हैं। वे कहां के निवासी हैं, अभी कहां हैं, उसकी जानकारी को हिरासत जरूरी है।

आरोपी के यहां से मिले 43 रेंट एग्रीमेंट जिनके नाम से बनाए हैं, उन सभी की उपस्थिति में इससे पूछताछ करने को हिरासत जरूरी हैं। आरोपी और उसके पुत्र फतेह मोहम्मद ने कई अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को भी किराए पर मकान दिया है। इसके रेंट एग्रीमेंट भी मिले हैं। इसके लिए उनके आधारकार्ड, पैनकार्ड का उपयोग किया है। येे भारतीय पहचान पत्र कैसे बनवाए, क्या किसी एजेंट की मदद ली है, उसकी जांच करनी है। आरोपी ने चंडोला तालाब में कितने मकान, दुकान, पार्किंग प्लॉट बनाए हैं, उसके लिए मिट्टी कहां से लाई गई, उससे कितनी आय होती है। आरोपी लल्ला बिहारी और उसका पुत्र फतेह दोनों अलग-अलग जानकारी दे रहे हैं, ऐसे में दोनों को साथ रखकर पूछताछ के लिए हिरासत जरूरी है। इसने कहां-कहां संपत्ति खरीदी है। बैंक डिटेल जरूरी है।

बांग्लादेेशी किस रास्ते आए, गतिविधि की जांच

आरोपी ने जिन अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को आसरा दिया वे किस एजेंट के जरिए शहर में आए उसकी जांच जरूरी है। क्या यहां रहने वाले राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इनके भारतीय पहचान पत्र बनाने को जरूरी प्रमाण-पत्र किसके पास से और किसकी मदद से दिए, उसकी जांच करनी है। आरोपी उत्तरप्रदेश के एटा जिले के भरगेन गांव का मूल निवासी है, वहां कोई संपत्ति खरीदी है, उसकी जांच जरूरी है।

एक मकान का पांच हजार किराया

जांच में सामने आया कि आरोपी एक मकान का पांच हजार किराया वसूलता था। पार्टी प्लॉट का 15 हजार किराया, दुपहिया वाहन की पार्किंग के लिए 24 घंटे का किराया 20 रुपए, लारी के 30, ऑटो के 40 रुपए और कार पार्किंग के 60 रुपए वसलूता था।