
अहमदाबाद में फॉगिंग करते हुए।
Ahmedabad: शहर में डेंग्यू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने प्री-मानसून एक्शन प्लान की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत फॉगिंग मशीनों को कार्यरत कर दिया है।
ब्लड सैंपल की जांच, लावारिस कबाड़ और टायरों की सफाई तथा हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। मनपा का दावा है कि लगातार निगरानी और सघन कार्रवाई के चलते इस वर्ष अब तक मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है।मनपा के अनुसार वर्ष 2025 में शहर में डेंगू के कुल 1591 मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में जनवरी से अब तक केवल 110 मामले दर्ज हुए हैं।
इसी तरह वर्ष 2025 में मलेरिया के 784 मामले और फाल्सीफेरम के 177 मामले 2025 में दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में अब तक क्रमशः 54 और 11 मामले ही सामने आए हैं। दावा है कि यह कमी लगातार सुपरविजन और मॉनिटरिंग का परिणाम है।
इस वर्ष अब तक 577 मच्छर प्रजनन (ब्रीडिंग) वाले स्थलों की पहचान की गई है और 88 निर्माण स्थलों पर नोटिस और जुर्माना लगाया गया है। शहर में वर्तमान में 274 फॉगिंग मशीनें कार्यरत हैं। 2025 में कुल 17 लाख 65 हजार से अधिक ब्लड सैंपल लिए गए थे, जबकि 2026 में अब तक 6 लाख 53 हजार से अधिक सैंपल की जांच की जा चुकी है।
लावारिस टायर, कबाड़ और पानी जमा होने वाले स्थानों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया है। तालाबों से कचरा और वनस्पति हटाने का काम भी किया जा रहा है। बड़े सरकारी और निजी संस्थानों, अस्पतालों और शैक्षणिक इकाइयों पर सघन जांच की जा रही है। हर इकाई में जिम्मेदार नोडल अधिकारी नियुक्त कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी
शहर को वॉर्ड और ज़ोन स्तर पर विभाजित कर नक्शे तैयार किए गए हैं, ताकि अधिक प्रभावित क्षेत्रों की अलग से निगरानी हो सके। गटर और कैचपिट की सफाई के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। किसी भी क्षेत्र में डेंगू या मलेरिया का मामला सामने आते ही तुरंत एंटी-मलेरियल कार्रवाई की जाती है और मरीजों का फॉलोअप किया जाता है।
Updated on:
25 May 2026 10:53 pm
Published on:
25 May 2026 10:53 pm
