
अहमदाबाद में एक अस्पताल को सील करते मनपा कर्मी
Ahmedabad : महानगर पालिका (मनपा) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। नियमों का पालन न करने वाले भवनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न इलाकों में अस्पतालों, स्कूलों और अन्य व्यावसायिक समेत कुल 28 इकाइयों को सील किया है। इनमें 16 अस्पताल, 9 स्कूल और 3 अन बैंक्वेट हॉल व अन्य इकाइयों के भवन शामिल हैं। मनपा के अनुसार सार्वजनिक सुरक्षा और शहरी प्रशासन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।मनपा क अनुसार इनमें ज्यादातर बिल्डिंग यूज (बीयू) की मंजूरी के बिना की हैं। मनपा ने पहले ही इन अस्पतालों को नोटिस जारी कर नियमों के अनुसार बीयू परमिशन लेने और नियमानुसार निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। इस संबंध में बार-बार मौखिक चेतावनी देने के बाद अस्पतालों व अन्य इकाइयों के संचालकों की ओर से अनदेखी की गई। जिसके बाद यह कदम उठाया गया। देखते ही देखते महानगरपालिका ने इन सभी अस्पतालों के उपयोग को बंद करवा दिया।
इस कार्रवाई में सबसे अधिक असर अस्पतालों पर पड़ा है। दक्षिण-पश्चिम ज़ोन में जुहापुरा – नौशीन अस्पताल, मुस्कान मैटरनिटी होम, रियाज़ अस्पताल, सचोरा अस्पताल, हैप्पीनेस्ट चिल्ड्रन अस्पताल, सरखेज में देवपुष्प मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम, और साउथ बोपल में सफल मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल, ममता अस्पताल, आसना ऑर्थोपेडिक अस्पताल, द्वारिका अस्पताल सील किए गए। उत्तर ज़ोन के ठक्करनगर में जीवनधारा अस्पताल रखियाल में अंकुर अस्पताल, नरोडा में पूजा अस्पताल सील किए। दक्षिण ज़ोन के मणिनगर में अंकुर अस्पताल न्यू लाइट अस्पताल और पश्चिम ज़ोन के नवरंगपुरा में जगमोहन अस्पताल पर कार्रवाई हुई।
स्कूलों में उत्तर ज़ोन के इंडिया कॉलोनी में सत्संगी विद्यालय, बापूनगर में शांति जूनियर प्रि-स्कूल, मारुति प्राथमिक शाला सील किए गए। पश्चिम ज़ोन के नारणपुरा में में पोडार जंबो किड्स चांदखेड़ा में लिटिल मिलेनियम, रंगोली, उत्तर-पश्चिम ज़ोन के वस्त्रापुर में लिटिल एंजल्स जेबर अर्ली इयर्स अंबली में जे.के. स्कूल (अंबली) और वस्त्रापुर में एक्सपर्ट किड्ज़ स्कूल शामिल हैं। अन्य इकाइयों में पश्चिम ज़ोन के चांदखेड़ा में ओनली डोसा तथायश फूड एंड बेवरेजेस शामिल हैं।
महानगरपालिका के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना बीयू परमिशन और नियमों के तहत इमारत का निर्माण नहीं किए जाने पर भी अस्पतालों का संचालन न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मरीजों और आमजन की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। मनपा ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई संस्था नियमों की अनदेखी करती है तो इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में ऐसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थाओं की जांच जारी रहेगी और यदि इनकी बीयू परमिशन या निर्माण कार्य में कोताही मिली तो संस्थाओं को सील किया जाएगा। एक ही दिन में 28 इकाइयों के खिलाफ की गई कार्रवाई से से हलचल मची हुई है।
Updated on:
3 Dec 2025, 10:58 PM IST
Published on:
3 Dec 2025, 10:58 PM IST
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