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Ahmedabad: शहर में जल जनित रोगों के फिर बढ़े मरीज, 21 दिन में 777 मरीज

महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून माह के पहले 21 दिनों में उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पीलिया के कुल 777 मरीज सामने आए हैं। हालांकि, इन दिनों मच्छर जनित रोगों के मामले अपेक्षाकृत कम हैं।
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अहमदाबाद

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Omprakash Sharma

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Updated: 24 Jun 2026, 10:39 PM IST

Ahmedabad news

फाइल फोटो।

Ahmedabad: मानसून के आगमन से पहले ही शहर में जलजनित रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है। महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून माह के पहले 21 दिनों में उल्टी-दस्त, टाइफाइड और पीलिया के कुल 777 मरीज सामने आए हैं। हालांकि, इन दिनों मच्छर जनित रोगों के मामले अपेक्षाकृत कम हैं।

इस अवधि में 32 मरीजों की पुष्टि हुई है। मनपा की ओर से जल गुणवत्ता की जांच, रक्त परीक्षण, फॉगिंग और एंटी-लार्वा गतिविधियां भी बढ़ा दी गई हैं। इसके अलावा शहर में गंदगी के कारण होने वाली परेशानियों को ध्यान में रखकर भी कार्रवाई जारी है। जिन इकाइयों की ओर से गंदगी फैलाई जा रही है, उन्हें सील किया जा रहा है।

मनपा के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार एक से 21 जून के दौरान उल्टी-दस्त के 579, टाइफाइड के 151 तथा पीलिया के 47 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस अवधि में हैजा और कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि जल जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है। इस दौरान मच्छर जनित रोगों के भी 32 मामले सामने आए हैं। इनमें मलेरिया के 21, डेंगू के 10 और चिकनगुनिया का एक मामला शामिल है।

जांच अभियान जारी

विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर जांच अभियान जारी है। इस अवधि में शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में 51,157 रक्त नमूनों की जांच की गई, जबकि डेंगू की पुष्टि के लिए 2,761 सीरम नमूनों का परीक्षण किया गया। पानी की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखते हुए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के लिए 5,794 पानी के नमूने लिए गए, जिनमें से 59 नमूने अनफिट पाए गए। इन क्षेत्रों में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाते हुए पाइपलाइन, जल आपूर्ति व्यवस्था और क्लोरीनेशन की जांच शुरू कर दी गई है।

क्लोरीन के 39 हजार से अधिक टेस्ट, 41 में नहीं मिली मात्रा

डॉ. सोलंकी ने बताया कि मनपा ने इस अवधि में 39,051 क्लोरीन टेस्ट किए, जिनमें 41 नमूनों में क्लोरीन की मात्रा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए क्लोरीनेशन, जल आपूर्ति नेटवर्क की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों में विशेष जांच की जा रही है। वहीं, मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए प्रभावित इलाकों में फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव, जलभराव वाले स्थलों की जांच की जा रही है।