
रग्बी खेल में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली दाहोद जिले के खरज गांव की तीन बेटियों से चर्चा करते मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।
गोधरा. गांधीनगर. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 24वें शाला प्रवेशोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को दाहोद जिले के मोटी खरज, राहडुंगरी और गांगरडा सहित तीन गांवों के विद्यालयों में कुल 300 से अधिक बच्चों का शाला प्रवेश कराया।
उन्होंने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तन का महाअभियान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आदिजाति क्षेत्रों से निरक्षरता का कलंक मिटाने के लिए शुरू कराया गया शाला प्रवेशोत्सव आज शिक्षा क्षेत्र में विकास का वटवृक्ष बन गया है।
उन्होंने जोड़ा कि आदिजाति क्षेत्रों में वर्षों पुरानी शिक्षा की भूख अब पूरी हुई है और पूर्व के शाला प्रवेशोत्सवों में विद्यालयों में प्रविष्ट हुए बच्चों ने आज डॉक्टर, इंजीनियर, पायलट जैसे क्षेत्रों में समाज का नाम उज्ज्वल किया है।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, कम्प्यूटर लैब, इंटरनेट सुविधा और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनके कारण ग्रामीण एवं दूरदराजी क्षेत्रों के विद्यार्थी भी आधुनिक शिक्षा से जुड़कर प्रतिस्पर्धी दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बीच में छोड़ने वाले बच्चों को पुनः शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयासों के तहत अधिकारियों तथा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा ऐसे बच्चों के घर जाकर उनकी समस्याएं जानकर और उन्हें फिर से स्कूल में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के भविष्य के लिए सक्रिय भागीदार बनने तथा नियमित रूप से विद्यालय जाकर शिक्षकों के साथ बच्चों की प्रगति पर चर्चा करने की अपील की।
उचित मार्गदर्शन तथा अवसर मिले, तो बेटियां भी प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकती हैं। इसका उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खरज गांव की तीन बेटियों ने रग्बी खेल में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर समग्र गांव तथा गुजरात का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने इन तीनों बेटियों से चर्चा भी की।
मुख्यमंत्री ने आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी का सदुपयोग करने की आवश्यकता के बारे में बच्चों से कहा कि विद्यार्थियों को मोबाइल एवं टीवी का उचित उपयोग कर अध्ययन, पठन तथा शैक्षणिक गतिविधियों के लिए समय निकालना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण तथा जल संरक्षण के लिए कैच द रेन अभियान के तहत वर्षा जल संग्रह तथा भूमिगत जल स्तर बढ़ाने और एक पेड़ मां के नाम अभियान द्वारा ग्रीन कवर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी की अपील की।
Updated on:
24 Jun 2026, 10:40 PM IST
Published on:
24 Jun 2026, 10:40 PM IST
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