24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

 Ahmedabad: नन्हें हाथों ने भीख के कटोरे की जगह थामीं पुस्तकें

न बच्चों के जीवन में भीख से किताबों और सिग्नलों से स्कूल तक के नए सफर की शुरुआत हुई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि वंचित और भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा का अधिकार और समान अवसर उपलब्ध कराना समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अहमदाबाद

•

image

Omprakash Sharma

•

Updated: 24 Jun 2026, 10:45 PM IST

Shala Praveshotsav

अहमदाबाद के थलतेज में प्रवेशोत्सव के दौरान बच्चों के साथ अन्य।

अहमदाबाद. कल तक जिन नन्हें हाथों में भीख का कटोरा था, उनमें अब किताबें और नोट बुक होंगी। चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगते मिले बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अनूठी पहल के तहत बुधवार को शहर के थलतेज के पीएम श्री थलतेज अनुपम प्राथमिक स्कूल में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव में भिक्षावृत्ति से मुक्त 20 बच्चों, सिग्नल स्कूल के 233 बच्चों और 50 नए विद्यार्थियों समेत कुल 303 बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाया गया।

इसके साथ ही इन बच्चों के जीवन में भीख से किताबों और सिग्नलों से स्कूल तक के नए सफर की शुरुआत हुई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि वंचित और भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए गए बच्चों को शिक्षा का अधिकार और समान अवसर उपलब्ध कराना समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा। उन्होंने शिक्षकों से इन बच्चों को अपने बच्चों की तरह स्नेह, मार्गदर्शन और संस्कार देने का अनुरोध किया।

276 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराया

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक कुल 276 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराकर सिग्नल स्कूल और अन्य सरकारी स्कूलों से जोड़ा जा चुका है। अन्य राज्यों से बच्चों को लाकर भीख मंगवाने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 33 बच्चों को मुक्त कराकर उनके परिवारों से पुनर्मिलन भी कराया गया है।महानगरपालिका आयुक्त बंछानिधि पाणि ने कहा कि शहर में पुलिस, महानगरपालिका और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त प्रयासों से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने में शिक्षा की अहम भूमिका होगी और आज स्कूल में प्रवेश लेने वाले यही बच्चे आगे चलकर देश की बागडोर संभालेंगे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी भी सम्मानित

इस अवसर पर भिक्षावृत्ति उन्मूलन और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक, अहमदाबाद मनपा के स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष कमलेश पटेल, सदस्य सचिव हेतल एम. पवार, भाजपा शहर अध्यक्ष प्रेरक शाह, गुजरात कानूनी सेवा प्राधिकरण के प्रोजेक्ट अधिकारी डॉ. एम.ए. पीपराणी, विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, अभिभावक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।

बाल मजदूरी के खिलाफ अभियान: 107 बच्चों को मुक्त कराया

2022 से अब तक वहीं जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम के तहत 22 मामले दर्ज कर भीख मंगवाने की गतिविधियों से 67 बच्चों को मुक्त कराया गया और उनका पुनर्वास एएमसी स्कूलों में कराया गया। पिछले दिनों बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान 33 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 107 बच्चों को श्रम से मुक्त कराया गया। 15 दिन के एक नवजात शिशु को भी बचाया गया तथा अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। महिला सुरक्षा को लेकर महिला सेल, शी टीम और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों द्वारा एक माह का विशेष अभियान चलाया गया। सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली छेड़छाड़ और अव्यवस्था रोकने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान के दौरान गुजरात पुलिस एक्ट के तहत 57 मामले दर्ज किए गए।