
निर्माणाधीन सुभाष ब्रिज
Ahmedabad शहर के महत्वपूर्ण सुभाष ब्रिज को केवल मरम्मत या आंशिक बदलाव के बजाय पूरी तरह नए सिरे से बनाया जाएगा। 53 साल पुराने इस ब्रिज के तकनीकी मूल्यांकन में कुछ पियर्स में दरार पाए जाने के बाद विशेषज्ञों ने मौजूदा ढांचे को पूरी तरह हटाकर नया ब्रिज बनाने की सिफारिश की है। अब आगामी दिनों में तकनीकी अध्ययन और विभिन्न विश्लेषण पूरे होने के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
महानगरपालिका (मनपा) आयुक्त बंछानिधि पाणि ने बुधवार को बताया कि सुभाष ब्रिज के संबंध में आइआइटी रूड़की, आइआइटी गांधीनगर और देश के अग्रणी ब्रिज विशेषज्ञ महेश टंडन समेत अन्य विशेषज्ञों से विस्तृत तकनीकी जांच कराई गई। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिज का मौजूदा सब-स्ट्रक्चर और पियर्स करीब 53 वर्ष पुराने हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा पुराने सब-स्ट्रक्चर और पियर्स पर नया सुपर स्ट्रक्चर बनाया जाता है तो भविष्य में 100 वर्ष की डिजाइन लाइफ को ध्यान में रखते हुए कई तकनीकी सीमाएं और चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में सभी विशेषज्ञों ने सर्वसम्मति से सुझाव दिया है कि पुराने पियर्स और सुपर स्ट्रक्चर को पूरी तरह हटाकर नया ढांचा तैयार करना दीर्घकालीन दृष्टि से अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और प्रभावी विकल्प होगा। गौरतलब है कि इससे पहले ब्रिज के ऊपरी हिस्से को हटाकर मौजूदा पियर्स का उपयोग करने और वर्तमान ब्रिज के दोनों ओर दो-दो लेन के अलग ब्रिज बनाने की बात कही गई थी।
मनपा आयुक्त ने बताया कि फिलहाल मनपा दोनों विकल्पों की लागत, निर्माण पूरा होने में लगने वाले समय, परियोजना की आयु और अन्य तकनीकी पहलुओं का तुलनात्मक अध्ययन कर रही है। इसके अलावा रोड्स एंड बिल्डिंग्स (आर एंड बी) विभाग की ओर से भी नए डिजाइन की जांच और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शहर को लंबे समय तक सुरक्षित और आधुनिक ब्रिज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मनपा सभी स्तरों पर तेजी से काम कर रही है। तकनीकी अध्ययन और विश्लेषण पूरा होने के बाद सुभाष ब्रिज के संपूर्ण पुनर्निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
Updated on:
24 Jun 2026, 10:59 PM IST
Published on:
24 Jun 2026, 10:58 PM IST
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