
अहमदाबाद शहर के असारवा इलाके में स्थित सिविल अस्पताल में ब्रेनडेेड मरीजों के अंगों केे दान की प्रक्रिया में तो वृद्धि हो ही रही है। सिविल मेडिसिटी परिसर में ही स्थित किडनी अस्पताल (इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसिज एंड रिसर्च सेंटर-आईकेडीआरसी) में भी ब्रेनडेड पालिताणा निवासी युवक के मरीजों के अंगों का दान किया गया है। इससे चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। किडनी अस्पताल में इस सप्ताह में दो ब्रेनडेड मरीजों के अंगदान में दिए गए हैं।
किडनी अस्पताल के निदेशक एवं सोट्टो गुजरात के संयोजक डॉ.प्रांजल मोदी के अनुसार 29 अगस्त को ब्रेनडेेड मरीज के अंगों का दान किया गया है। भावनगर जिले के पालीताणा के मूल निवासी 30 वर्षीय हितेशभाई मारू लंबे समय से अहमदाबाद के एक ताड़पत्री कारखाने में काम कर रहे थे। 21 अगस्त को सड़क दुर्घटना में उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। इलाज के लिए ओढव के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया।
जहां गहन उपचार के अंत में डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके साथ हितेश के भाई-बहनों और माता-पिता को अंग दान की जानकारी दी। इसका महत्व समझाया। परिजनों को अंगदान के बारे में पहले से भी जानकारी थी, जिससे परिजनों ने बिना किसी देरी के अंगदान की तैयारी दर्शायी।अंगदान के लिए ब्रेन डेड मरीज हितेशभाई मारू को अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी परिसर स्थित किडनी अस्पताल लाया गया। यहां हितेश की दो किडनी, लिवर और हृदय का दान लिया गया। इन सभी अंगों को जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया है।
अस्पताल के निदेशक डॉ.प्रांजल मोदी ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में आईकेडीआरसी में 20 अंग दाताओं ने अंगदान किया है। इसके चलते 34 किडनी, 18 लिवर, 5 हृदय और एक अग्नाशय (पेंक्रियाज) का दान मिला।
Published on:
31 Aug 2024 10:00 pm
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