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Ahmedabad: साबरमती जेल की बढ़ेगी क्षमता, 1200 कैदियों के लिए बनेंगे नए बैरक

Ahmedabad Sabarmati jail capacity will increase -करीब 2600 कैदियों की है क्षमता, 3800 हैं बंद -गुजरात की जेलों में क्षमता से 10 फीसदी ज्यादा कैदी

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Ahmedabad: साबरमती जेल की बढ़ेगी क्षमता, 1200 कैदियों के लिए बनेंगे नए बैरक

Ahmedabad: साबरमती जेल की बढ़ेगी क्षमता, 1200 कैदियों के लिए बनेंगे नए बैरक

नगेन्द्र सिंह

Ahmedabad. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ दिन पहले ही अहमदाबाद में देश के सभी राज्यों से कहा था कि जेलों की ओवर क्राउडिंग (क्षमता से ज्यादा कैदी) पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। ओवर क्राउडिंग की इस समस्या से गुजरात की जेलें भी अछूती नहीं हैं। राज्य की जेलों में क्षमता से 10 प्रतिशत से ज्यादा कैदी बंद हैं। राज्य की सबसे बड़ी और सुरक्षित जेल मानी जाने वाली साबरमती सेंट्रल जेल में भी क्षमता से अधिक कैदी हैं। इस समस्या को हल करने के लिए गुजरात सरकार अब साबरमती सेंट्रल जेल की क्षमता बढ़ाने जा रही है। साबरमती सेंट्रल जेल में 1200 और कैदियों को रखे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्णय किया गया है। इसके लिए जेल परिसर में ही नए बैरक बनाए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से जेल प्रशासन को इसकी मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।
सूत्रों के अनुसार साबरमती जेल की मौजूदा क्षमता पार्ट-1 और पार्ट-2 को मिलाकर कुल 2600 कैदियों की है। इसकी जगह अभी साबरमती जेल में नई-पुरानी और महिला जेल में मिलाकर कुल 3800 कैदी बंद हैं। क्षमता में 1200 कैदियों का इजाफा होने की स्थिति में यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

मंजूरी मिली, निविदा प्रक्रिया है जारी
साबरमती सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक तेजस पटेल ने बताया कि ओवर क्राउडिंग की समस्या को हल करने के लिए साबरमती सेंट्रल जेल की क्षमता बढ़ाने का निर्णय किया गया है। जेल में 1200 और कैदियों को रखने के लिए नए बैरेक बनाए जाएंगे। इनका निर्माण जेल परिसर में ही किया जाएगा। इसकी मंजूरी मिल गई है। निविदा प्रक्रिया जारी है। नए बैरेक बनने की स्थिति में ओवरक्राउडिंग की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।

गुजरात की जेलों की ये है स्थिति
प्रिजन स्टेटिस्टिक इंडिया रिपोर्ट 2020 के अनुसार गुजरात में 30 जेल हैं, जिनकी क्षमता 13762 कैदियों की है, उसकी जगह फिलहाल 15217 कैदी हैं। इस तरह क्षमता के मुकाबले 10.6 प्रतिशत ज्यादा कैदी हैं। ओक्यूपेंसी रेट 110.6 प्रतिशत है। गुजरात में चार सेंट्रल जेल हैं, जिनकी क्षमता 7856 कैदियों की है, जबकि इनमें 9060 कैदी बंद हैं। ओक्यूपेंसी रेट 115.2 प्रतिशत है। 11 जिला जेल हैं, जिनकी क्षमता 3529 की है और 3723 कैदी बंद हैं। इसकी ओक्यूपेंसी रेट 105.8 प्रतिशत है। 8 सब जेलों में क्षमता से 37 प्रतिशत ज्यादा कैदी बंद हैं। हालांकि दो महिला जेल, तीन ओपन जेल और दो स्पेशल जेल में क्षमता से कम कैदी हैं।

देश की जेलों का ऑक्यूपेंसी रेट 118 प्रतिशत
राज्य - ऑक्यूपेंसी रेट
यूपी- 177
सिक्किम- 173.8
उत्तराखंड- 168.6
दिल्ली- 159.5
मध्य प्रदेश- 158.6
मेघालय- 154.9
छत्तीसगढ़- 131.8
महाराष्ट्र- 128.7
झारखंड- 128
पश्चिम बंगाल- 120.4
बिहार- 113.2
जम्मू- कश्मीर- 112.2
गुजरात- 110.6
(स्त्रोत: प्रिजन स्टेटिस्टिक्स इंडिया रिपोर्ट 2020)