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Ahmedabad. गांधीनगर जिले की दहेगाम तहसीलदार कार्यालय के निलंबित उप तहसीलदार प्रवीण परमार (54) सहित दो लोगों को गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 18 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। इसमें एक बिचौलिया नितेश कुमार राजन भी शामिल है जो टाइपिस्ट है।एसीबी के अनुसार गुरुवार को गांधीनगर सिविल अस्पताल के गेट के पास एमएस बिल्डिंग के पीछे वाले हिस्से में जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। एसीबी को एक व्यक्ति ने शिकायत दी है, जिसमें बताया कि शिकायतकर्ता ने उसकी कृषि भूमि की बिक्री के बाद दर्ज पंजीकरण को रद्द करने के लिए प्रांत अधिकारी और गांधीनगर कलक्टर कार्यालय में अपील दायर की है। इस अपील के कागजात उनसे खो गए। ऐसे में उन्होंने अपील के कागजात प्राप्त करने के लिए प्रांत अधिकारी कार्यालय और कलक्टर कार्यालय दोनों जगह आवेदन किया है। इस बीच उनकी मुलाकात उप तहसीलदार प्रविण परमार और नितेश से हुई।आरोप है कि दोनों ने इस मामले में अपील के कागजात दिलाने और कागजातों में दर्ज बिक्री के पंजीकरण रद्द कराने के लिए 18 हजार रुपए की मांग की। शिकायतकर्ता यह राशि देना नहीं चाहते थे, जिससे उन्होंने इसकी शिकायत एसीबी में कर दी। शिकायत के आधार पर एसीबी गांधीनगर थाने के पुलिस निरीक्षक डी ए चौधरी एवं उनकी टीम ने गुरुवार को जाल बिछाया। जिसके तहत गांधीनगर सिविल अस्पताल के पास बिचौलिए टाइपिस्ट नितेश ने शिकायतकर्ता से रिश्वत के संबंध में बातचीत की और राशि स्वीकारी और यह राशि प्रविण को दे दीी। इस पर टीम ने इन दोनों ही आरोपियों को को पकड़ लिया।अप्रेल 2022 को उप तहसीलदार प्रवीण परमार को कलोल में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पकड़ा था जो फिलहाल निलंबित है।