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Ahmedabad: चंडोला तालाब क्षेत्रवासियों को घर मिलने के निर्णय से सिविक सेंटरों में लगने लगी कतार

2010 से पहले के दस्तावेज भी जुटाने के प्रयास में

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File photo

अहमदाबाद शहर के चंडोला तालाब के किनारे रहने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आवास योजना के घर मिलने के निर्णय से अब लोग अपने दस्तावेज एकत्र करने लगे हैं। ऐसे आवेदकों की शुक्रवार को मनपा के सिविक सेटरों में लाइन भी देखी गई।महानगरपालिका की स्टेंडिंग कमेटी में इस वैकल्पिक व्यवस्था का निर्णय किया गया। बैठक में बताया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टीशिपेशन की शर्तों के अधीन मकान दिए जाएंगे। यह निर्णय उन लोगों को लिए ही लागू है जिनके पास यहां रहने के लिए 1 दिसंबर 2010 से पहले के दस्तावेज या अहम सबूत हैं। इसके लिए मनपा की ओर से पुलिस वेरिफिकेशन कराने की भी बात कही है। गौरतलब है कि 11 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले चंडोला तालाब क्षेत्र में लगभग चार लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में अवैध रूप से घर बनाकर लोग रहने लगे हैं। इनमें से पिछले दिनों लगभग डेढ़ लाख वर्ग मीटर जगह में से चार हजार से अधिक आवास समेत कई अतिक्रमण ढहा दिए। अभी भी लगभग 10 हजार कच्चे-पक्के मकान यहां बने हुए हैं। इन्हें भी जल्द ही ढहाया जाएगा। इनमें से उन भारतीय लोगों को आवास योजना में घर मिल सकेगा जो यहां वर्ष 2010 से पहले से रह रहे थे।