
अहमदाबाद शहर में 27 जून को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की 148 वीं रथयात्रा से पहले बुधवार को जलयात्रा निकलेगी। इसके बाद भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के साथ ननिहाल (सरसपुर) जाएंगे। चली आ रही परंपरा के मुताबिक भगवान 15 दिन तक ननिहाल में रहेंगे। भगवान के आगमन से पूरे सरसपुर क्षेत्र में उत्साह है। सरसपुर स्थित भगवान रणछोड़राय का मंदिर सजा दिया गया है। साथ ही भगवान जब ननिहाल आएंगे तो धूमधाम से शोभायात्रा निकाली जाएगी।जमालपुर में स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर से बुधवार सुबह धूमधाम से जलयात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में शामिल श्रद्धालु साबरमती नदी के किनारे भूदर के आरे पहुंचेंगे, जहां पूजा अर्चना होगी और उसके बाद 108 कलशों में जल भर कर मंदिर में ले जाया जाएगा। इसके लिए साबरमती रिवरफ्रंट पर डोम बनाया गया है।जल यात्रा के बाद भगवान प्रतीकात्मक रूप से ननिहाल के लिए रवाना होंगे।
सरसपुर स्थित रणछोड़राय मंदिर के ट्रस्टी उमंग पटेल ने बताया कि भगवान के ननिहाल सरसपुर आने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। उसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। बुधवार को जब भगवान आएंगे तो उनके स्वागत में शाम पांच बजे अंबेडकर हॉल से भगवान रणछोड़ राय मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहन की प्रतिमा मंदिर में दर्शन के लिए रखी जाएंगी। आगामी 15 दिनों तक रणछोड़राय मंदिर में प्रतिदिन भजन कीर्तन होंगे। लोग दूर-दूर से यहां दर्शन के लिए आएंगे।
ट्रस्टी उमंग पटेल ने बताया कि भगवान के स्वागत में ड्रोन से फूलों की बारिश की जाएगी। बैंडबाजे और विविध वाहनों के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें ढाई से तीन हजार लोग भाग लेंगे। भगवान के स्वागत के लिए सरसपुर मंदिर के सामने बड़ा पांडाल तैयार किया गया है। मंदिर के आसपास सड़क पर रंगोली भी बनाई गई है।
बुधवार को जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर से जलयात्रा निकलेगी। इसके लिए साबरमती रिवरफ्रंट पर डोम बनाया गया है। साबरमती नदी में जल यात्रा के दौरान शामिल भक्त और अन्य लोग डूबें नहीं इसके लिए मंगलवार को अहमदाबाद दमकल की टीम ने मॉक ड्रिल की।
Published on:
10 Jun 2025 10:17 pm
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