2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: गीता मंदिर से अपहृत युवक को शंखेश्वर से सकुशल छुड़ाया

-अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने तीन आरोपियों को पकड़ा, मांगी थी चार लाख रुपए की सुपारी, राजस्थान निवासी युवक ने दर्ज कराई थी शिकायत

2 min read
Google source verification
Crime Branch Ahmedabad

Ahmedabad. शहर के गीता मंदिर एसटी बस स्टैंड के पास चाय की किटली पर चाय पी रहे युवक को तीन अज्ञात लोगों की ओर से ऑटो रिक्शा में अपहृत कर ले जाने की घटना सामने आई है। अपहृत युवक को क्राइम ब्रांच की टीम ने पाटण जिले के शंखेश्वर तहसील के एक गांव से सकुशल छुड़ा लिया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भी पकड़ा।

आरोपियों ने युवक को छोड़ने के लिए 4 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। पकड़े गए आरोपियों में पाटण जिले की शंखेश्वर तहसील के पिरोजपुरा गांव निवासी हरेश ठाकोर (21), नरेश ठाकोर (27) और तलाजी ठाकोर (45) शामिल हैं। यह तीनों ही अहमदाबाद शहर में ठक्कर बापानगर क्षेत्र में राजावीर सोसाइटी में रहते हैं।

राजस्थान निवासी युवक ने दर्ज कराई थी एफआइआर

क्राइम ब्रांच के अनुसार राजस्थान के सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मंडार गांव निवासी केशनाथ (28) ने 31 दिसंबर को कागडापीठ थाने में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें बताया कि वह अहमदाबाद के रविवारी बाजार में अंगूठी खरीदकर फुटकर बेचने के लिए 28 दिसंबर को अहमदाबाद पहुंचा और रिलीफ रोड के होटल में रुका था। उसे मिलने के लिए उसके मामा सुरमनाथ का दामाद छगननाथ भी आया था। दोनों ने दो दिन साथ में घूमकर अंगूठी बेची। छगननाथ गुजरात के बनासकांठा जिले की दांतीवाडा तहसील के पंथावाडा गांव का रहने वाला है। 30 दिसंबर की दोपहर एक बजे दोनों गीता मंदिर एसटी बस स्टैंड पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान तीन अज्ञात व्यक्ति आए और छगननाथ को जबरन अपहृत कर ऑटो रिक्शा में बिठाकर रायपुर की ओर भाग गए। आरोपियों ने उसे चुप रहने के लिए धमकाया था। आरोपियों के जाने के बाद उसने संबंधियों को बताया गांव चला गया था।

छगननाथ के फोन से ही मांगी फिरौती

30 दिसंबर को छगननाथ के मोबाइल फोन से ही फोन आया और उसे अपहरण करने वालों ने चार लाख रुपए की फिरौती की मांग की। यह राशि शंखेश्वर में देकर छगननाथ को लेकर जाने के लिए कहा। नहीं तो उसे मारने की धमकी दी थी।

विधि के बाद भी फायदा न होने पर अपहरण

क्राइम ब्रांच की प्राथमिक जांच व आरोपियों की पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों में शामिल हरेश और नरेश के पिता चतुर ठाकोर ने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए छगननाथ के ससुर सुरमनाथ से विधि कराई थी। उसके बावजूद भी कोई फायदा नहीं हुआ। इस बात से वह नाराज थे। ऐसे में चतुर के दोनों बेटों ने अन्य के साथ मिलकर गीता मंदिर से सुरमनाथ के दामाद छगननाथ का अपहरण कर। उसे लेकर पाटण जिले की शंखेश्वर तहसील के पिरोजपुरा पहुंचे। उससे मारपीट की और छोड़ने के लिए उसके परिवार से चार लाख की फिरौती मांगी। इसकी सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम ने मोबाइल के लोकेशन व सूचना के आधार पर पिरोजपुर पहुंचकर छगननाथ को मुक्त करा लिया।