
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच (फाइल फोटो)।
Ahmedabad. डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का एक और मामला सामने आया है। शहर के वस्त्रापुर इलाके में रहने वाली 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को करीब एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट रखते हुए नरेश गोयल फ्रॉड के मामले में लिप्तता होने के नाम पर डरा, धमकाकर 55 लाख रुपए ऐंठ लिए। वृद्धा को ठगने के लिए शातिर आरोपियों ने नकली अधिकारी बनकर, नकली कोर्ट रूम का सेटअप तैयार कर नकली जज बनकर ऑर्डर जारी किए। इस संबंध में पीडि़ता ने अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच थाने में 25 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मामले के तहत वृद्धा को एक जनवरी 2026 को फोन आया था। सामने वाले ने खुद की पहचान मुंबई में कोलाबा थाने के पुलिसकर्मी रणवीर सिंह के रूप में दी। उसने कहा कि नरेश गोयल के मामले में तुम्हारी लिप्तता सामने आई है। उसके घर से तुम्हारा आधार कार्ड मिला है। तुम्हारे विरुद्ध अरेस्ट वारंट निकला है। तुम्हें कोर्ट में साबित करना पड़ेगा कि तुम निर्दोष हो। ऐसा कहने के बाद दूसरे दिन वॉट्सएप पर वीडियो कॉल किया।
गोयल का फोटो दिखाते हुए पूछताछ की और फिर एक कोर्टरूम का दृश्य बताया, जिसमें बैठे जज ने भी ऑर्डर दिया कि तुम्हारी लिप्तता नहीं साबित करने के लिए तुम्हे 15 लाख रुपए जमा कराने होंगे। ऐसा कहते हुए कॉल काट दिया और दो बैंक के अकाउंट नंबर भेजे। इसके बाद अलग-अलग फर्जी ऑर्डर भेजकर, डरा, धमकाकर उनके पास से पांच जनवरी से छह फरवरी के दौरान उनके पास से 55.50 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।इतना ही नहीं, आरोपी को पकड़वाने में मदद रूप होने की बात कहते हुए महिला की ओर से भेजे गए पैसे वापस देने, गिफ्ट में और पैसे देने तथा फ्लैट देने का लालच भी आरोपियों ने दिया। इससे वृद्धा बातों में आ गईं। आरोपियों ने विश्वास जीतने के लिए वित्त विभाग के नाम से जुड़े फर्जी लेटर भी भेजे।
पीडि़ता की एफआईआर के तहत आरोपी उन पर उनके मौजूदा मकान को बेचने का भी दबाव डाल रहा था। इसके लिए उसने अलग-अलग प्रोपर्टी डीलर्स के मोबाइल नंबर भी भेजे थे, लेकिन महिला ने उनका मोबाइल फोन उठाना ही बंद कर दिया।
Published on:
26 Feb 2026 10:02 pm
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