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राजकोट मंडल ने विकसित किया एआइ आधारित ‘स्मार्ट आरएस वाल्व सिम्युलेटर’

राजकोट. पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने रेल सुरक्षा एवं चालक दल (क्रू) के कौशल विकास के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए 'स्मार्ट आरएस वाल्व सिम्युलेटर' विकसित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित यह अत्याधुनिक सिम्युलेटर लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों को वास्तविक रेल परिचालन सरीखा प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे उनकी कार्यकुशलता, सतर्कता, निर्णय क्षमता तथा सुरक्षा जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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Rajkot Division Develops AI-based 'Smart RS Valve Simulator'

एआइ आधारित स्मार्ट आरएस वाल्व सिम्युलेटर।

लोको पायलटों को मिलेगा वास्तविक रेल परिचालन सरीखा प्रशिक्षण, रेल सुरक्षा होगी और अधिक सुदृढ़

राजकोट. पश्चिम रेलवे के राजकोट मंडल ने रेल सुरक्षा एवं चालक दल (क्रू) के कौशल विकास के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए 'स्मार्ट आरएस वाल्व सिम्युलेटर' विकसित किया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित यह अत्याधुनिक सिम्युलेटर लोको पायलटों एवं सहायक लोको पायलटों को वास्तविक रेल परिचालन सरीखा प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इससे उनकी कार्यकुशलता, सतर्कता, निर्णय क्षमता तथा सुरक्षा जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
राजकोट के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना के अनुसार यह सिम्युलेटर वास्तविक रेल मार्गों के वीडियो तथा एआइ आधारित रियल-टाइम सिग्नल नियंत्रण प्रणाली के माध्यम से प्रशिक्षण को अधिक यथार्थपरक बनाता है। इसमें दिन, रात, बारिश एवं घने कोहरे जैसी विभिन्न परिस्थितियों का सिमुलेशन उपलब्ध कराया गया है। इससे लोको पायलट हर प्रकार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए तैयार हो सकेंगे।
वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (कर्षण) मनोज कुमार राव ने बताया कि सिम्युलेटर में मवेशी से टक्कर, व्यक्ति से टक्कर, वाई एवं डबल वाई गति प्रतिबंध संकेत तथा सिग्नल पास्ड एट डेंजर आदि वास्तविक परिचालन स्थितियों का अभ्यास कराया जाता है। इसके माध्यम से लोको पायलटों की प्रतिक्रिया समय, ब्रेकिंग कौशल, गति एवं सिग्नल अनुपालन में सुधार के साथ आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। प्रशिक्षण के बाद स्वचालित प्रदर्शन रिपोर्ट उपलब्ध होती है, जिससे कमियों की पहचान कर प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
यह प्रणाली बिना किसी परिचालन जोखिम के सुरक्षित एवं किफायती प्रशिक्षण उपलब्ध कराती है। इससे लोको पायलटों का आत्मविश्वास बढ़ता है, प्रशिक्षकों को प्रत्येक प्रशिक्षु के प्रदर्शन का सटीक विश्लेषण करने में सुविधा मिलती है तथा सुरक्षित, विश्वसनीय एवं दक्ष रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है।
राजकोट के मंडल रेल प्रबंधक गिरिराज कुमार मीना ने कहा कि यह पहल सुरक्षित, विश्वसनीय एवं दक्ष रेल परिचालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

राजकोट मंडल की कुछ ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी

राजकोट. भावनगर. मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में भूस्खलन के कारण रेल यातायात प्रभावित होने के कारण राजकोट मंडल की कुछ ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।राजकोट के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुनील कुमार मीना ने बताया कि राजकोट-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन (नं. 22717) 20, 22 एवं 23 जुलाई को, सिकंदराबाद-राजकोट एक्सप्रेस ट्रेन (नं. 22718) 20 एवं 21 जुलाई को, सिकंदराबाद-पोरबंदर एक्सप्रेस ट्रेन (नं. 20967) 22 जुलाई को, पोरबंदर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन (नं. 20968) 21 जुलाई को परिवर्तित मार्ग दौंड-मनमाड-जलगांव-पालधी-सूरत अथवा रेलवे द्वारा निर्धारित अन्य वैकल्पिक मार्ग पर चलेंगी।