
अक्षरधाम मंदिर पर हमले का फरार आरोपी 16 वर्ष बाद गिरफ्तार
अहमदाबाद. गांधीनगर के अक्षरधाम मंदिर पर २४ सितंबर 2002 को हुए आतंकी हमले के मामले में फरार आरोपी मोहम्मद फारुख शेख को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच एवं गुजरात एटीएस की टीम ने 16 साल बाद इस आरोपी को अहमदाबाद एयरपोर्ट से पकड़ा। आरोपी सऊदी अरब के रियाद में वर्ष १९९४ से रहता है। चार महीने पहले सऊदी से अहमदाबाद आई पत्नी, दो पुत्र व पुत्री से मिलने वह सोमवार सुबह अहमदाबाद पहुंचा था। इसी दौरान अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरते ही उसे पकड़ लिया गया।
चार नवंबर २०१७ को इसी मामले के मुख्य षडयंत्रकर्ता अब्दुल रशिद अजमेरी (६०) को भी क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद एयरपोर्ट से पकड़ा था। इस मामले में गिरफ्तार हुआ मोहम्मद फारुख दसवां आरोपी है। इस प्रकरण में 23 आरोपी फरार हैं।
क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त एवं मामले के जांच अधिकारी बी.वी.गोहिल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद फारुख शेख अहमदाबाद में जुहापुरा की तवक्कल सोसायटी का मूल निवासी है जो वर्ष १९९४ से ही रियाद में रहता है। शुरूआती पांच वर्ष उसने दर्जी का काम किया, उसके बाद से वह मोबाइल फोन के रिचार्ज कूपनों की बिक्री करता है।
फारूख16 वर्ष पहले २००२ में अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी (फिदायीन) हमले के मुख्य षडयंत्रकर्ताओं में एक है। फारुख पर हमले के लिए सऊदी अरब से अहमदाबाद आर्थिक मदद पहुंचाने, हमले के लिए आए आतंकियों को अपने आरोपी आदम अजमेरी एवं अब्दुल रशिद के जरिए मदद मुहैया कराने का आरोप है।
गुजरात में २००२ में हुए गोधराकांड का बदलना लेने के लिए आरोपी फारुख ने सऊदी अरब में रहने वाले अहमदाबाद व गुजरात के मुस्लिम लोगों से सलीम शेख व अल्ताफ के साथ मिलकर फंड जुटाया। गोधराकांड के बाद के दंगों की वीडियो कैसेट दिखाकर उकसायने का आरोप है। हमले में लिप्त आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकियों के साथ मिलकर हमले का षडयंत्र रचने का भी आरोप है। इसी षडयंत्र के तहत अहमदाबाद के शाहपुर में रहने वाले पूर्व आरोपी आदम अजमेरी के जरिए अक्षरधाम मंदिर की रैकी करने, हमले लिए आत्मघाती हमलावरों को भेजने, हमलावरों को स्थानीय स्तर पर ठहराने व जरूरी मदद मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाने का भी आरोप है।
अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकी हमले में एनएसजी कमांडों, पुलिसकर्मी सहित 34 लोगों को मौत हुई थी, जबकि ८५ लोग घायल हुए थे। अक्षरधाम पर हमला करने के आरोपी मुर्तजा और अशरफअली आतंकी (फिदायीन) हमले में मारे गए थे।आरोपी इससे पहले वर्ष २००० में बड़े भाई सलीम के विवाह में आया था। उसी साल इसकी भी सगाई हुई थी।
आठों आरोपी सुप्रीमकोर्ट से बरी
अक्षरधाम मंदिर हमला मामले में पकड़े गए आठ आरोपियों को पोटा अदालत की ओर से दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई थी। आदम अजमेरी, अब्दुल कयूम और शानमियां को फांसी, सलीम व अब्दुलमियां को आजीवन कैद, जबकि अल्ताफ व अन्य को पांच साल की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले को हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा था। हालांकि वर्ष २०१४ में सुप्रीमकोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी को बरी कर दिया था।
Published on:
26 Nov 2018 11:26 pm
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