
पालनपुर. अहमदाबाद. बनासकांठा जिले में स्थित शक्तिपीठ अंबाजी में श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट संचालित श्री अंबिका संस्कृत महाविद्यालय में टेंपल मैनेजमेंट (मंंदिर प्रबंधन) कोर्स का शुभारंभ किया गया। ट्रस्ट के प्रशासक सह अतिरिक्त कलक्टर कौशिक मोदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्या का स्थान सर्वोच्च है। पाठशाला संस्कृत और संस्कृति का पर्व है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन में संस्कृत और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए नए-नए शैक्षणिक प्रकल्प स्थापित कर व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक कल्याण और राष्ट्र के प्रति समर्पित भावना का विकास करना महाविद्यालय का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अधिक से अधिक संख्या में इस महाविद्यालय से जुड़कर समाज को अच्छे रास्ते की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
अंबाजी गांव की सरपंच कल्पना दवे, श्री अंबिका संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य हिम्मतलाल ए. दवे विशेष अतिथि के रूप में उपिस्थत रहे। शिक्षक पार्थ ने टेपल मैनेजमेंट कार्स की जानकारी प्रस्तावना रूप में प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह कोर्स 1 वर्ष का है। इसके तहत सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को पूर्वस्नातक का एक साल का डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा। गिर सोमनाथ जिले में वेरावल िस्थत श्री सोमनाथ संस्कृत यूनिवर्सिटी से मान्य यह कोर्स ज्ञानवर्धक है। इस अवसर पर इस वर्ष पाठ्यक्रम में जुड़े 26 छात्रों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
Updated on:
19 Nov 2025, 11:03 PM IST
Published on:
19 Nov 2025, 11:03 PM IST
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