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आणंद : प्राथमिक स्कूल में आठ साल से 452 साइकिलों को छात्राओं का इंतजार

बोरसद के वघवाला गांव में कागजों पर सरस्वती साधना योजना

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आणंद : प्राथमिक स्कूल में आठ साल से 452 साइकिलों को छात्राओं का इंतजार

आणंद : प्राथमिक स्कूल में आठ साल से 452 साइकिलों को छात्राओं का इंतजार

आणंद. जिले की बोरसद तहसील के वघवाला गांव में स्थित प्राथमिक स्कूल में 452 स्पेशल रेंजर्स साइकिलों को छात्राओं का इंतजार है।
माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 में नामांकित बख्शी पंच अनुसूचित जाति एवं आर्थिक रूप से पिछड़ी छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से 2015 से सरस्वती साधना योजना आरंभ की गई है।
योजना के तहत 452 छात्राओं को वितरित की जाने वाली स्पेशल रेंजर्स साइकिलों को कमरे में बंद कर रखा है। यह साइकिलें कबाड़ बन रही हैं। गुुजरात सरकार की ओर से प्रवेशोत्सव-2015 के तहत बोरसद तहसील में अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से पिछड़ी छात्राओं के लिए 452 साइकिलें आवंटित की थीं। प्रशासन की ओर से इन साइकिलों को वितरित नहीं किया गया, जिसके कारण बोरसद के वघवाला प्राथमिक विद्यालय में ये साइकिलें कबाड़ बन गई हैं।
बोरसद तहसील के ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) भवन स्थित वघवाला प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों में विद्यालय प्रवेश उत्सव 2015 के दौरान आवंटित 452 साइकिल कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं. विद्यालय के कमरों में पहिए सहित साइकिल के पुर्जे पड़े हैं। कई साइकिलों के कुछ पुर्जे चोरी हो चुके हैं।
वघवाला प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में 245 और दूसरे कमरे में 207 साइकिलें 2015 से पड़ी हैं। जिन कमरों में साइकिलें पड़ी हैं, उनके दरवाजे बंद नहीं होते और दरवाजों पर कांटे बांध दिए गए हैं। अधिकांश साइकिलों की रिंग मुड़ गई हैं और टायर-ट्यूब खराब हो चुके हैं। मकड़ी के जाल में साइकिलें छिप गई हैं।

जिले के प्रभारी मंत्री ने दिए जांच के निर्देश

जिले के प्रभारी सह प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले आठ साल से ये साइकिलें बिना वितरण के खराब हो रही हैं। इसमें किसकी गलती है और किसकी लापरवाही है, इस संबंध में जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।