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अनिल के अंगों से तीन लोगों को मिला नया जीवन

सिविल अस्पताल में 211 वें ब्रेनडेड मरीज के अंगों का दान
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civil hospital

अहमदाबाद शहर के अमराईवाड़ी निवासी अनिल वाघेला (33) दुनिया से जाते-जाते तीन लोगों को जीवनदान दे गए। पिछले चार वर्षों में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 211 वें ब्रेन डेड मरीज के रूप में अनिल वाघेला के अंगों का दान स्वीकार किया गया।वे गत 31 अगस्त को अपने घर पर बेहोश हो गए थे। उन्हें मनपा संचालित एल.जी. अस्पताल में ले जाया गया। जहां से उसी दिन गहन उपचार के लिए असारवा स्थित सिविल अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। उचित उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं होने के बाद विशेष जांच की गई। सोमवार को जांच की रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकोें ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अस्पताल में अंगदान के लिए कार्यरत टीम ने अनिल वाघेला की स्थिति के बारे में पत्नी बेलाबेन व अन्य परिजनों को अवगत कराया। इस दौरान पूरे परिवार ने परोपकार की भावना को ध्यान में रखकर अंगदान के लिए स्वीकृति दे दी। अनिल की दो किडनी और एक लिवर स्वीकार किए। इनका प्रत्यारोपण जरूरतमंद मरीजों में किए जाने से उन्हें नया जीवन मिल सका है।

अंग दान बढ़ाने की जरूरत

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार राज्य में पिछले कुछ वर्षों से अंगदान के संबंध में जागरूकता आई है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। राज्य में हर दिन कम से कम एक अंगदान की जरूरत है, ताकि लंबी कतार को कम किया जा सका। अब तक राज्य में 386 किडनी दान में मिली हैं। इसके अलावा 186 लिवर, 68 हृदय, 34 फेफड़े, 17 पेंक्रियाज, छह हाथ व दो छोटी आंत शामिल हैं।