
आयुष्यमान कार्ड के लाभार्थियों को भुगतान में गुजरात देश में प्रथम
गांधीनगर. चाहे आयुष्यमान कार्ड हो या 'माÓ कार्ड हो इन योजनाओं में लाभार्थी मरीजों के दावा भुगतान में देश में गुजरात चौथे स्थान पर है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 4387 करोड़ से ज्यादा रुपए दावों का भुगतान किया गया। गुजरात में 26 लाख से ज्यादा दावा मंजूर किए गए। 1.15 करोड़ आयुष्यमान कार्ड धारकों के साथ देश में गुजरात चौथे स्थान पर है।
आयुष्यमान भारत योजना के तहत लाभार्थी मरीजों को दावा भुगतान में करने गुजरात देश में प्रथम स्थान पर है। गुजरात में यह योजना लागू होने के बाद से अब तक 4387 करोड़ रुपए के दावों का भुगतान किया गया। इस तरीके से राज्य में हर माह 107 करोड़ से ज्यादा एवं हर रोज 3.5 करोड़ रुपए की भुगतान की जाती है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक राज्य में 26 लाख से ज्यादा दावे मंजूर किए गए। गुजरात में 1.15 करोड़ नागरिकों के पास आयुष्यमान कार्ड हैं। इन कार्ड धारकों की संख्या दृष्टि से देखा जाए तो गुजरात देशभर में चौथे स्थान पर है। गौरतलब है कि राज्य की 1875 सरकारी और 713 निजी अस्पतालों में आयुष्यमान कार्डधारक चिकित्सा सेवा का लाभ ले सकते हैं। ये सभी चिकित्सा सेवाएं कार्डधारकों को केशलेस एवं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें सामान्य बीमार के साथ महंगी सर्जरी, कैंसर, किडनी और हृदय रोग से संबंधित बीमारियां भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के नागरिकों को बेहतर और आसानी से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आरोग्य एवं आयुष्यमान भारत योजना लागू की है, जो नि:शुल्क है।
गुजरात में वर्ष 2012 से कार्यरत मां और मां वात्सल्य योजना को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल कर पीएमजेएवाय-मा योजना कार्यरत कर राज्य में योजना का दायरा बढ़ाया गया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने आयुष्यमान कार्ड योजना को राज्य के नागरिकों तक पहुंचाने के लिए 'आपके द्वार आयुष्यमानÓ मेगा ड्राइव प्रारंभ की गई है। इस योजना के तहत निर्धारित मानदंड के मुताबिक राज्य के 80 लाख परिवारों और अर्थात चार करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को आयुष्यमान कार्ड से लाभान्वित करने का दृढ़ संकल्प किया है।
इसके लिए राज्य की आशा महिलाओं, आंगनवाडी वर्कर्स, पंचायती राज संस्थाएं जैसे आधारभूत कार्यकर्ता राउंड द क्लॉक कार्य कर रहे हैं। गौरतलब है कि सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित सर्वेक्षण-2011 के तहत निर्धारत मानदंड वाले राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में परिवारों कोपांच लाख रुपए प्रति वर्ष सुरक्षा मुहैया कराया जाता है।
यह कार्ड बनवाने के लिए आमजन सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला व सब जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज, ई-ग्राम, यूटीआई इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एंड सर्विस लिमिटेड सेन्टर का संपर्क करना होगा।
Published on:
08 Feb 2022 07:55 pm
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