
प्रो. रमेश मकवाना
प्रभास पाटण. राजस्थान के उदयपुर में बदलाव नेशनल एनजीओ की ओर से हाल ही आयोजित आनलाइन वेबिनार में अध्यक्ष डॉ. राम आर्य ने जाने माने समाजशास्त्री और सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. रमेश मकवाना को बेस्ट लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया।
सरदार पटेल यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. मकवाणा जूनागढ़ जिले की मालिया हाटीना तहसील के खंभालिया गांव के निवासी हैं। उन्होंने गुजरात की 300 महिला सरपंचों पर यूजीसी की अनुसंधान परियोजना का काम किया है। इन सरपंचों को सरकार की सरकार की विकास योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने के लिए उन्होंने मार्गदर्शन दिया।
गुजरात के 8 आदिवासी बाहुल्य जिलों - डांग, दाहोद, सूरत, नर्मदा, तापी, नवसारी, भरूच व पंचमहाल की सरपंचों की कार्य स्थिति, चुनौतियों को जानकर समाधान की दिशा बताने का भी प्रो. मकवाणा ने महत्वपूर्ण कार्य किया। परिणामस्वरूप यह महिला सरपंच अपने-अपने गांवों में प्राथमिक शिक्षा, टॉयलेट, पानी के पंप, मकानों के निर्माण, स्वास्थ्य केन्द्र, पौधरोपण, कंप्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र, वाटर हार्वेस्टिंग, सडक़, बिजली, आंगनबाड़ी, गरीबों के लिए सस्ते अनाज का वितरण, स्वच्छता, किसानों की समस्या और गांव में नंदनवन बनाने के काम कर चुकी हैं।
यह योगदान, मिले अवार्ड भी
प्रो. मकवाणा ने 20 पुस्तकें और 55 शोध लेख लिखे, सम्मेलनों में 125 शोध पत्र प्रस्तुत किए, गांवों में जागृति के लिए 102 व्याख्यान दिए, यूजीसी के अंतर्गत 6 शोध परियोजनाएं पूरी की, 45 विद्यार्थियों को पीएच.डी. और 60 को एम.फिल. का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने गुजरात सरकार से अंबेडकर अवार्ड, दिल्ली से भारत शिक्षा रत्न अवार्ड व सरदार पटेल अवार्ड, कथाकार मोरारी बापू से सोशल एक्टिविस्ट अवार्ड सहित प्रतिष्ठित स्वैच्छिक संस्थाओं से अनेक अवार्ड प्राप्त किए हैं।
महिला सरपंच बदल रही गांवों की दशा व दिशा
महिला सरपंच अपने कार्यों से गांवों की दशा व दिशा बदल रही हैं और गांवों की कायापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनके दृढ़ सकारात्मक कदमों से लोग शोषण-कुरिवाज, हिंसा-भेदभाव-निरक्षरता, घूंघटप्रथा के विरुद्ध जागृत हुए हैं।
- प्रो. रमेश मकवाणा
Published on:
26 Dec 2020 12:18 am
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