
'भारत बंद' का गुजरात में देखा गया मिलाजुला असर
गांधीनगर. नए किसान कानूनों (farmers law) के विरोध में आंदोलन (andolan) कर रहे किसानों के 'भारत बंदÓ (bharat band) का गुजरात में (Gujarat) मिला-जुला असर देखा गया। जहां गुजरात में सौराष्ट्र (saurastra) और दक्षिण गुजरात में कई एपीएमसी मार्केट ( APMC market yard) यार्ड पर ताले लटके नजर आए कई जगहों पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में झड़प हुई तो भाजपा- कांग्रेस (BJP-congress) कार्यकर्ताओं में भी झड़प देखी गईं। वहीं न सिर्फ कांग्रेस बल्कि अन्य राजनीतिक दलों ( political parties) के अधिकांश बड़े नेताओं को प्रतिष्ठान बंद कराने निकलने से पहले ही पुलिस ने नजरबंद किया। वहीं गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ( leader of oppostion) परेश धानाणी तो अकेले ही स्कूटर पर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कराने निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान धानाणी और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई।
अहमदाबाद में भारत बंद का असर नहीं देखा गया। बाजार नियमिततौर पर खुले रहे। हालांकि शहर के कई ठिकानों पर व्यापारिक और औद्योगिक प्रतिष्ठान बंद कराने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने खोखरा, बापूनगर, दाणीलीमडा, गोता समेत क्षेत्रों में बंद कराने की घोषणा की थी। साथ ही गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने विधायकों को अपने क्षेत्रों के एपीएमसी को बंद कराने के निर्देश दिए थे। साणंद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर जलाकर वाहनों को रोकने का प्रयास किया। बाद में मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और सड़क मार्ग सुचारू किया। वहीं जमालपुर एपीएमसी में किसान सब्जी लेकर पहुंचे थे। वहां पहले से पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी ने कहा कि किसान और खेती को बर्बाद कर कर उद्यमियों को बढ़ावा देने वाले कृषि कानून का खासा विरोध हो रहा है। इस कानून से एपीएमसी मार्केट की व्यवस्था खत्म हो जाएंगी।
उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रहार करते आरोप लगाया कि सोमवार रात से ही इस आंदोलन से डरी सरकार और किसान विरोधी मानसिकता वाली भाजपा ने पुलिस और प्रशासन का भय बनाने का प्रयास किया। जहां कई एपीएमसी मार्केट में बंद के समर्थन के नोटिस लग गए थे, लेकिन ऐसे लोगों ने एपीएमसी खोलने का दबाव बनाया। कई विधायकों और चुने प्रतिनिधियों को पुलिस ने घरों ें नजरकैद कर लिया गया। रिक्शा चालक संगठन, व्यापारी संगठन, किसान संगठन बंद में शामिल हुए थे। कई जगहों पर चक्काजाम किया गया। वहीं सरकार के इशारे पर पुलिस ने बल प्रयोग भी किया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धैर्य का परिचय दिया।
Published on:
08 Dec 2020 10:28 pm
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