
Cable Stands Bridge to be the largest in the country
गांधीनगर।भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े बेट द्घारका नगर की महत्ता को ध्यान में रखकर केन्द्र सरकार ने ओखा व बेट द्घारका के बीच 962 करोड़ की लागत से केबल स्टेड सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण की बुधवार को स्वीकृति दे दी है। इससे राज्य के प्रसिद्ध आस्था केन्द्र बेट द्धारका को ओखा से जोडऩे वाले पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया।
इस संदर्भ मेें राज्य के उप मुख्यमंत्री-वित्तमंत्री नितिन पटेल केन्द्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े द्घारका में भगवान द्घारकाधीश का दर्शन करने के देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। उनमें से अधिकांश लोग समुद्र के टापू में स्थित बेट द्घारका मंदिर का दर्शन करने जाते हैं। बेट द्घारका के दर्शन के लिए जाने वाले सालाना लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं को अभी बोट के जरिए जाना पड़ता है। बेट द्घारका में रहने वाले भी साढ़े आठ हजार नागरिकों को भी नाव के जरिए ओखा व अन्य स्थलों के लिए आवागमन करना पड़ता है।
केन्द्र सरकार की स्वीकृति मिल जाने पर अब प्रदेश के राजमार्ग संख्या-51 पर ओखा एवं बेट द्घारका के बीच समुद्र में 3.73 किलोमीटर लम्बा चार मार्गीय केबल स्टेड सिग्नेचर ब्रिज का निर्माण किया जाएगा।
इससे श्रद्धालुओं के अलावा बेट द्घारका वासियों को भी नाव के बजाए पुल के जरिए आसान व सुरक्षित आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। लोगों का समय बचेगा। बेट द्घारका में मेडिकल, इमर्जेंसी, शैक्षणिक व सामाजिक सेवाओं का विकास होगा।
ऐसा होगा ब्रिज
केबल स्टेड सिग्नेचर ब्रिज 27.20 मीटर चौड़ा होगा। उसमें चार मार्गीय रास्तों के साथ ही दोनों ओर 2.5 मीटर चौड़े फुटपाथ बनेंगे। फुटपाथ पर सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जाएंगे। उनसे एक मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा। इस ब्रिज अप्रोच की ओखा की ओर लम्बाई 309 मीटर एवं बेट द्घारका की ओर 1101 मीटर रहेगी। पुल के हिस्से की लम्बाई 2.32 किलोमीटर रहेगी। बीच में नौ मीटर का केबल स्टेड ब्रिज बनेगा। इस प्रकार ब्रिज के तीन हिस्सों में से बीच का हिस्सा 500 मीटर लम्बा बनेगा, जो देश में सबसे बड़ा होगा। उसमें 150 मीटर ऊंचे दो पायोलॉन बनेंगे।
962 करोड़ के खर्च से बनेगा केबल स्टेड सिग्नेचर ब्रिज
अभी तक बोट के जरिए जाते हैं टापू के मंदिर तक
Published on:
24 Aug 2017 05:16 am
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