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श्रीमद् राजचंद्र के ज्ञान और संदेश का अनुसरण करने से व्यक्ति का जीवन होता है परिवर्तित : सीएम

राजकोट में परम कृपालुदेव परम प्रयाण पर्व में उपस्थित रहे मुख्यमंत्री

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राजकोट. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल रविवार को राजकोट में परम कृपालुदेव परम प्रयाण पर्व में उपस्थित रहे। उन्होंने श्रीमद् राजचंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रीमद् राजचंद्र द्वारा रचित पदों पर आधारित सुखधाम अनंत नामक नए संगीत एल्बम का विमोचन किया।
राजकोट के शास्त्री मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद् राजचंद्र द्वारा दिए गए आध्यात्मिक ग्रंथ ‘आत्मसिद्धि शास्त्र’ के संदेश को जीवन में अपनाकर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीमद् राजचंद्र के ज्ञान और संदेश का अनुसरण करने से व्यक्ति का जीवन तो परिवर्तित होता ही है, साथ ही दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने संस्था के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि परम प्रयाण पर्व, परम कृपालुदेव की अद्भुत आत्मदशा का स्मरण कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होने का एक अनोखा अवसर है।
उन्होंने इस पर्व को केवल स्मरण नहीं, बल्कि आत्ममंथन, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि व्यवहारिक जीवन जीते हुए भी श्रीमद् राजचंद्र के आत्मसिद्धि शास्त्र का अनुसरण करने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान को समझने में मनुष्य की क्षमता सीमित होती है, इसलिए अधिक से अधिक सत्संग में जाकर ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। इससे आत्म साक्षात्कार के मार्ग में प्रगति होती है। इस प्रकार सत्संग, ज्ञान श्रवण और आत्मज्ञानी महापुरुषों का संग आध्यात्मिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर उन्होंने श्रीमद् राजचंद्र मिशन-धरमपुर के संस्थापक आचार्य राकेशभाई, रामकृष्ण मिशन-राजकोट के अध्यक्ष स्वामी निखिलेश्वरानंद तथा बीएपीएस-राजकोट के संत अपूर्वमुनि स्वामी का सम्मान किया।