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सितंबर में मिल सकती है पहले ट्रोपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क की सौगात

cancer, science park, development, september, gujarat news; -साबरकांठा जिले के सलाल गांव के पास 5930 वर्गमीटर में हो रहा है विकसित

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सितंबर में मिल सकती है पहले ट्रोपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क की सौगात

सितंबर में मिल सकती है पहले ट्रोपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क की सौगात

गांधीनगर. समर सोलास्टिक डे (21 जून) का गुजरात के लिए एक अनूठा महत्व है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कर्कवृत्त रेखा गुजरात के सात जिलों से होकर गुजरती है। 21 जून को सबसे लंबा दिन होता है। ऐसा क्यों होता है इसकी जानकारी समर सोलास्टिक दिवस पर विज्ञान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों व लोगों को दी।

गुजरात काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (गुजकोस्ट) के सलाहकार डॉ. नरोत्तम साहू ने बताया कि भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) के पूर्व प्रोफेसर डॉ. जे.एन. देसाई, विज्ञान प्रसार के पूर्व निदेशक डॉ. वी.बी. कांबले ने लोगों को इस दिन और कर्कवृत्त रेखा की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके लिए एक जागरुकता कार्यक्रम किया गया था।डॉ.साहू ने बताया कि साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर हाईवे पर सलाल गांव के पास ट्रोपिक ऑफ कैंसर साइंस पार्क विकसित किया जा रहा है। 5930 वर्ग मीटर में बनाए जा रहे इस पार्क के सितंबर महीने तक बनकर पूरे होने की उम्मीद है। इसे करीब सात करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। यह पार्क कर्क रेखा और उसके महत्व की जानकारी देने वाला अहम केन्द्र बनेगा।

कर्कवृत्त रेखा गुजरात में अरवल्ली, साबरकांठा, गांधीनगर, मेहसाणा, सुरेन्द्रनगर, पाटण और कच्छ जिले से होकर गुजरती है। यह रेखा भारत के आठ राज्यों से गुजरती है, जिसमें गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम हैं।