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अहमदाबाद मनपा के बर्खास्त डिवीजनल फायर ऑफिसर व जमादार विरुद्ध मामला दर्ज

फायर सर्टिफिकेट देने के लिए 25 हजार की रिश्वत लेने का आरोप है।

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ACB

एसीबी गुजरात मुख्यालय।

अहमदाबाद फायर सेफ्टी निरीक्षण ( इंस्पेक्शन) करने के बाद फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट देने के लिए 25 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप के मामले में गुजरात भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अहमदाबाद महानगर पालिका के बर्खास्त डिवीजनल फायर ऑफिसर मनीष मोड और फायर ब्रिगेड जमादार एरिक रिबेलो के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।

एसीबी के तहत उन्हें इन दोनों के विरुद्ध शिकायत मिली है। शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ इन दोनों की ओर से मांगी गई रिश्वत की ऑडियो रेकॉर्डिंग, वीडियो रेकॉर्डिंग बतौर सबूत पैनड्राइव में दिए थे। इस शिकायत और दिए गए सबूतों की एफएसएल से जांच कराने व प्राथमिक जांच करने पर पुष्टि हुई। इसके चलते इन दोनों के विरुद्ध मंगलवार को एसीबी ने रिश्वत मांगने और लेने का मामला दर्ज किया है।

वीडियो, ऑडियो रेकॉर्डिंग के साथ एसीबी को मिली थी शिकायत

एफआईआर के तहत शिकायतकर्ता ने फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम ठेके पर लिया था। जिस जगह फायर सेफ्टी लगाई गई थी उसके सर्टिफिकेट के लिए उसने डिवीजनल फायर ऑफिसर मोड से मुलाकात की थी। आरोप है कि मोड ने इंस्पेक्शन कर सर्टिफिकेट देने के लिए फायर सेफ्टी के ठेके के 10 प्रतिशत के हिसाब से 65 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद मामला 25 हजार पर तय हुआ था। इसमें से 10 हजार रुपए मोड ने ले लिए थे। 15 हजार रुपए मोड के कहने पर एरिक रिबेरो ने लिए थे। इस संबंध में बातचीत और रिश्वत लेने से जुड़े वीडियो रेकॉर्डिंग शिकायतकर्ता ने कर ली थी। जिसके साथ उसने शिकायत की थी। अहमदाबाद महानगर पालिका ने इन दोनों ही आधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इस मामले की जांच अहमदाबाद शहर एसीबी थाने के पीई आर आई परमार को सौंपी गई है।