
बालक के साथ सौतेली नानी।
मां के आंचल की छांव जब एक बच्चे के सिर से अलग हो जाए तो उस बच्चे के लिए स्थिति कितनी पीड़ादायक हो जाती हैं, उसे बयां करने वाली एक शर्मनाक घटना अहमदाबाद शहर के पॉश कहे जाने वाले बोडकदेव थाने में दर्ज हुई है। विवाह के बाद मनमेल न होने पर पति-पत्नी के तलाक लेकर अलग हो जाने के बाद बालक की कस्टडी पिता के पास आई। पिता ने अन्य युवती से प्रेम विवाह कर लिया और घर जमाई बन गया।
जहां सौतेली मां के साथ सौतेली नानी और नाना ने बालक पर इतने सितम ढाए कि बालक रात में भी चौंक कर उठ जाता था। सगे पिता ने भी मुंह फिर लिया। ऐसे में दादा मदद को आगे आए। उन्होंने बालक की सौतेली मां, सौतेली नानी और नाना के साथ पिता के विरुद्ध भी बोडकदेव थाने में 8 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज कराई है।
शाहीबाग इलाके में घेवर कॉम्पलैक्स के पास रहने वाले अशोक पटेल (59) ने पुत्र निकंज पटेल, पुत्रवधू आश्लेशा पटेल, पुत्रवधू के पिता मनसुख पटेल (समधी) और पुत्रवधू की मां कुंदनबेन (समधन) के विरुद्ध उनके पौत्र (6 वर्षीय बालक) को पीटने, दागने और प्रताडि़त करने का मामला दर्ज कराया है। यह घटना एक मई 2021 से 17 जनवरी 2024 के दौरान साइंस सिटी रोड पर सत्यम कॉम्पलैक्स के पास विराट एलिगंस में हुई। बोडकदेव थाने के पीआई आर वी विंची ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
बालक की सौतेली नानी कुंदनबेन पर आरोप है कि उन्होंने बालक को गर्म चिमटे से कूल्हे पर दागा। दवाई भी नहीं कराई। सौतेले नाना मनसुख पर आरोप है कि उन्होंने बालक के पढ़ाई नहीं करने पर फ्लश में उसका सिर डाल दिया था। उसकी पिटाई भी लगाई। सौतेली मां आश्लेशा पर आरोप है कि बालक उसके क्रीम कवर को छूता तो वह उसकी पिटाई लगाती थी। नवरात्रि में सोसायटी में नाश्ता करके लौटने पर बालक की पिटाई की थी। पिता को आप बीती बताई तो निकुंज ने भी बालक की पिटाई लगाई।
एफआईआर के तहत निकुंज का पहला विवाह 2015 में हुआ था। उससे 2018 में बालक का जन्म हुआ। 2021 में निकुंज का तलाक हो गया। उसने आश्लेशा से प्रेम विवाह कर लिया और उसके साथ रहने लगा। बालक 2021 से जनवरी 2024 तक आश्लेशा और निकुंज के साथ रहता था। आश्लेशा के माता-पिता भी उसके साथ रहते थे।
एफआईआर के तहत 17 जनवरी को बालक को उसकी सौतेली नानी शाहीबाग स्थित दादा अशोक पटेल के घर छोड़ गई। रोकने पर भी नहीं रुकी। रात को सोते समय बालक चौंक कर उठ जाता था। सुबह नहलाते समय बालक के कूल्हे पर दागे जाने के निशान देखे। बालक से पूछने पर उसने बालक ने बेरहमी की दास्तां बयां की तो अशोकभाई ने शाहीबाग थाने में शिकायत दी। वहां से उन्हें मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा। अस्पताल से बीजे मेडिकल कॉलेज फोरेंसिक विभाग भेजा गया। जहां फोरेंसिक जांच कराने पर आई रिपोर्ट में गर्म चिमटे से बच्चे को दागे जाने की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट शाहीबाग थाने में देने पर शिकायत ली गई और उसे बोडकदेव में ट्रांसफर किया गया। वहां से चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के पास भेजा गया। कमेटी ने बालक की काउंसिलिंग की। उसकी रिपोर्ट आने पर छह महीने बाद शिकायत दर्जकराई है।
Updated on:
09 Jul 2024 10:11 pm
Published on:
09 Jul 2024 10:05 pm
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