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कांग्रेस का फॉर्मूला मंजूर, परोक्ष समर्थन

गुजरात चुनावों के गर्म होते माहौल में पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के संयोजक हार्दिक पटेल ने बुधवार सुबह घोषणा कर दी कि कांग्रेस की ओर से आरक्षण

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Congress formula approved, indirect support

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अहमदाबाद।गुजरात चुनावों के गर्म होते माहौल में पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के संयोजक हार्दिक पटेल ने बुधवार सुबह घोषणा कर दी कि कांग्रेस की ओर से आरक्षण पर सुझाया गया फार्मूला उन्हें मंजूर है। भाजपा के विरुद्ध लड़ाई जारी रहेगी, इसलिए प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हमारा समर्थन कांग्रेस को है।। इस ऐलान के बाद यहां सत्ता का संघर्ष और तेज हो गया है। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने तत्काल पत्रकार वार्ता बुलाकर करारे प्रहार करते हुएकांग्रेस व हार्दिक के फॉमूले को मूर्खतापूर्ण बताया।


हार्दिक पटेल ने बुधवार सुबह संवाददाता सम्मेलन में कई बातें साफ करते हुए कहा कि हमने कांग्रेस से आज तक कोई टिकट नहीं मांगा। पास में कोई आंतरिक विवाद नहीं है। पाटीदार नेता को टिकट देने पर हंगामा इसलिए मचा था, क्योंकि कांग्रेस ने पास संयोजक ललित वसोया को धोराजी से टिकट देने से पहले पास को बताया नहीं था। यदि कोई पाटीदार चुनाव लडक़र जीते तो वह समाज का ही भला करेगा। उनका इस पर विरोध नहीं है। हार्दिक ने कहा कि वह ढाई साल तक किसी भी पार्टी से नहीं जुड़ेगा।

यह है तमिलनाडु फॉर्मूला

राज्य में आरक्षण 50 फीसदी से अधिक है। इसे 9वीं अनुसूची में शामिल किया गया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट 11 जनवरी 2007 को कह चुका है कि 24 अप्रैल 1973 के बाद नौवीं अनुसूची में शामिल कानून की न्यायिक समीक्षा हो सकती है।

कांग्रेस के पास है आरक्षण देने का हुनर

&गुजरात में कांग्रेस सरकार बनी तो पटेलों को संविधान के दायरे में आरक्षण देंगे। कांग्रेस के पास वह हुनर है जिसमें सीमारेखा लांघे बिना पटेलों को उनका हक दे सकती है। अभिषेक मनु सिंघवी, प्रवक्ता कांग्रेस

धोखा है यह फॉर्मूला

&कानूनन 50त्न से ज्यादा आरक्षण नहीं दे सकते। राजस्थान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यही कहा है। कोई फॉर्मूले की बात करे तो वह वह धोखा दे रहा है।अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

&भाजपा ने 22 साल में पटेल समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। हमारा लक्ष्य चुनाव जीतना और वादों को पूरा करना है।कपिल सिब्बल, कांग्रेस

&मूर्खों ने फॉर्मूला दिया और मूर्खों ने स्वीकार किया। मैंने हार्दिक से ज्यादा मूर्ख व्यक्ति नहीं देखा। तुम्हारे (हार्दिक) जैसे बहुत नेता आते हैं और चले जाते हैं, बाद में उन्हें कोई याद नहीं रखता है।- नितिन पटेल, उपमुख्यमंत्री, गुजरात

...तो उनको भी वोट नहीं

&यदि भाजपा से मेरे पिता भरत पटेल और माता ऊषा पटेल भी खड़ी होंगी तो भी मैं उन्हें वोट नहीं दूंगा। भाजपा ने आरक्षण मांगने पर लाठियां और गोलियां मारी हैं। हार्दिक पटेल, पास

२०० करोड़ के ऑफर का आरोप

हार्दिक ने भाजपा पर आरोप लगाया कि जेल में रहने के दौरान भाजपा ने के. कैलासनाथन के जरिए १२०० करोड़ रु पए में उन्हें खरीदने की कोशिश की थी। भाजपा चुनाव जीतने के लिए पास संयोजकों को खरीदने के लिए २०० करोड़ खर्च कर रही है। प्रति संयोजक ५० लाख और प्रति वोट एक हजार रुपए का लालच देकर उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया जा रहा है।

मां-बाप भी भाजपा से लड़ें तो वोट नहीं

हार्दिक ने भाजपा से खड़े होने वाले पाटीदार प्रत्याशियों को समर्थन देने के मुद्दे पर कहा कि यदि भाजपा से उनके पिता भरत पटेल और माता ऊषा पटेल भी खड़ी होंगी तो भी वह उन्हें वोट नहीं देंगे। क्योंकि भाजपा ने पाटीदारों पर अत्याचार किया है। आरक्षण मांगने पर उन्हें लाठियां मारी, गोलियां मारी हैं।

ये है कांग्रेस का फार्मूला

हार्दिक ने कांग्रेस के साथ पास की हुई बैठकों में तैयार हुए पाटीदारों को आरक्षण के फार्मूले का खुलासा करते हुए कहा कि कांग्रेस इसे कैसे देगी? इसका मुद्दों पर आधारित ब्यौरा वह अपने चुनावी घोषणा-पत्र में भी शामिल करेगी।

पाटीदार व गैर आरक्षित वर्ग के लोगों को शिक्षा व रोजगार में समान अवसर प्रदान करने के लिए कांग्रेस ने प्रतिबद्धता दिखाई है। कांग्रेस की सरकार बनने पर वह अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (एससी-एसटी-ओबीसी) के मौजूदा ४९ प्रतिशत आरक्षण मेें किसी भी प्रकार का परिवर्तन या छेड़छाड़ किए बिना जितना जल्दी होगा विधानसभा में विधेयक लेकर आएगी। यह संविधान के आर्टिकल ३१(सी) को ध्यान में रखते हुए संविधान के आर्टिकल-४६ के प्रावधानों पर आधारित होगा।

इस विधेयक में जो समुदाय आर्टिकल ४६ में उल्लेखित हैं और जिन्हें संविधान के आर्टिकल १५ (4) और १६ (4) के तहत जिन्हें लाभ नहीं मिला है, ऐसे समुदायों को शैक्षणिक एवं आर्थिक उपार्जन का समान न्याय के लिए विशेष केटेगरी का नाम भी उल्लेखित किया जा सकता है।

स्पेशल केटेगरी में समुदायों को शामिल करने के लिए सरकार की ओर से ओबीसी आयोग व अन्य स्टेकहॉल्डर्स के साथ सलाह मशविरा किया जाएगा। इसके लिए एक कमीशन गठित किया जाएगा। स्पेसिफिक सर्वे भी किया जाएगा।

इसके अलावा सवर्ण आयोग का गठन करने की कांग्रेस ने घोषणा की गई है। यह आयोग भी शैक्षणिक और आर्थिक उपार्जन के समान अवसर दिलाने में मददरूप होगा। इसका बजट 2000 करोड़ रुपए आवंटित किया जाएगा।

भाजपा ने अब तक क्या किया

गैर आरक्षित वर्गों के लिए सवर्ण आयोग का गठन। पाटीदार सहित 58 गैर आरक्षित जातियों के शैक्षणिक व आर्थिक विकास के लिए निगम का गठन। 600 करोड़ का प्रावधान किया है।
कई पाटीदार नेताओं पर लगाए केस वापस लिए। हार्दिक से जुड़े राजद्रोह मामले को राज्य सरकार सशर्त तैयार। पाटीदार और पुलिस के बीच संघर्ष की जांच के लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में आयोग।

एक्सपर्ट व्यू


अगर पटेल को ईबीसी में आरक्षण देते हैं और इसके लिए आरक्षण सीमा बढ़ाते हैं तो यह कानून के अनुकूल नहीं होगा। राज्यों ने जब भी ऐसा किया तो कोर्ट ने गलत करार दे दिया। जब पता हो और उसके बाद भी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हों जो कानून के मूल ढांचे के खिलाफ हो तो आप सिर्फ कोर्ट का काम बढ़ाते हैं।विराग गुप्ता, कानून विशेषज्ञ