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विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण : डिंडोर

गुजरात राज्य उच्चतर माध्यमिक शिक्षा संघ महामंडल का 8वां शैक्षणिक अधिवेशन आणंद. गुजरात राज्य उच्चतर माध्यमिक शिक्षा संघ महामंडल का दो दिवसीय 8वां शैक्षणिक अधिवेशन रविवार को जिले के पेटलाद स्थित चारुसेट यूनिवर्सिटी के चांगा परिसर में आयोतित हुआ।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. कुबेर डिंडोर ने नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों के […]

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गुजरात राज्य उच्चतर माध्यमिक शिक्षा संघ महामंडल का 8वां शैक्षणिक अधिवेशन

आणंद. गुजरात राज्य उच्चतर माध्यमिक शिक्षा संघ महामंडल का दो दिवसीय 8वां शैक्षणिक अधिवेशन रविवार को जिले के पेटलाद स्थित चारुसेट यूनिवर्सिटी के चांगा परिसर में आयोतित हुआ।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. कुबेर डिंडोर ने नई शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने शिक्षकों से समाज निर्माण में बेहतर नागरिक तैयार करने की अपील की। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील भी की।
शिक्षा राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया ने शिक्षकों से अपील की कि वे न केवल शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि बेहतर नागरिक और विकासशील समाज के निर्माता भी हैं।
इस अवसर पर शिक्षाविद सागरभाई ने नई शिक्षा प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा शिक्षकों से कहा कि वे इसके अनुरूप बच्चों के जीवन को आकार देने में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें।
इस सम्मेलन ने शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलित विकास लाने के लिए आदर्श शिक्षा की अवधारणा को और मजबूत किया।
महामंडल के अध्यक्ष भरतभाई ने शिक्षा मंत्री डॉ. कुबेर डिंडोर और शिक्षा राज्यमंत्री प्रफुल पानशेरिया को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर विधायक विपुल पटेल, कमलेश पटेल, शिक्षा अधिकारी कामिनी पटेल, महामंडल के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।