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Ahmedabad News साइबर क्राइम पीडि़तों को भी अब ‘100’ और ‘112’ नंबर पर फोन करते ही मिलेगी मदद

Cyber Crime, Ahmedabad, Control room, dial 100, fraud, help, Cyber AASHVAST, Gujarat आर्थिक ठगी का शिकार होने वालों को पुलिस कर्मचारी करेंगे फोन, खाते से डेबिट हुए रुपयों को बचाने की करेंगे कोशिश, आश्वस्त योजना के तहत अब तक 70 लाख बचाए, 15 लाख रुपए वापस दिलाए

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Ahmedabad News साइबर क्राइम पीडि़तों को भी अब '100' और '112' नंबर पर फोन करते ही मिलेगी मदद

Ahmedabad News साइबर क्राइम पीडि़तों को भी अब '100' और '112' नंबर पर फोन करते ही मिलेगी मदद

अहमदाबाद. साइबर क्राइम में ठगी (ऑनलाइन आर्थिक ठगी) का शिकार होने वाले लोग भी अब पुलिस कंट्रोलरूम के 100 नंबर और 112 नंबर पर फोन करके तत्काल पुलिस की मदद पा सकेंगे। अभी तक लड़ाई, झगड़े, दंगा, फसाद, लूट, हत्या, दुर्घटना सरीखे मामलों में फोन करके लोग पुलिस की मदद पाते थे, लेकिन अब साइबर क्राइम में ठगी का शिकार होने पर भी वे 100 नंबर पर फोन करके साइबर पुलिस की तत्काल मदद पा सकेंगे।
फोन करके शिकायत देने पर सामने से साइबर पुलिस कर्मचारी (साइबर क्राइम इंसीडेंट विशेषज्ञ) आपको फोन करके डिटेल लेंगे और आपके खाते से डेबिट हुए रुपयों को ठगों के हाथों में जाने से रोकेंगे। बैंक से कटे हुए पैसे आगे ट्रांसफर ना हों उसके लिए पैसों को फ्रीज कराएंगे फिर उसकी सूचना पीडि़त को एसएमएस से देंगे। एसएमएस पर पीडि़त को एक टिकिट नंबर दिया जाएगा। पीडि़त उसके पास के नजदीकी थाने में जाकर टिकिट नंबर का एसएमएस दिखाएगा तो पुलिस पीडि़त के कटे हुए पैसे वापस दिलाने की प्रक्रिया करेगी।
इसके लिए अहमदाबाद साइबर पुलिस न सिर्फ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, बल्कि अन्य सभी बैंकों के नोडल ऑफिसर ई-कॉमर्स के नोडल ऑफिसर, ई-वोलेट कंपनियों के नोडल ऑफिसरों की भी मदद ले रही है।
इस प्रकार की सेवा देने वाली अहमदाबाद साइबर क्राइम (गुजरात पुलिस) देश की पहली पुलिस बनने जा रही है। अहमदाबाद शहर में इसके पायलट प्रोजेक्ट के तहत 70 लाख पुलिस ने ठगों के हाथों में जाने से रोके हैं और 15 लाख पीडि़तों के खाते में वापस भी पहुंचाए हैं। दो सालों में दो करोड़ रुपए लोगों के साइबर क्राइम ने बचाए हैं।
गुजरात पुलिस महानिदेशक ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए अहमदाबाद के साइबर क्राइम में ऐसी व्यवस्था शुरू की है। यह प्रक्रिया प्रभावी बने इसके लिए एसआरपीएफ के ५० जवान भी साइबर क्राइम को आवंटित किए हैं, जिन्हें साइबर क्राइम, सॉफ्ट स्किल, बैंकिंग, नेट बैंकिंग, का प्रशिक्षण भी दिया गया है।
इसके अलावा एक पुलिस निरीक्षक, सात पुलिस उप निरीक्षक भी आवंटित किए हैं। जो इस आश्वस्त नाम के प्रोजेक्ट के तहत लोगों की मदद करेंगे। इस आश्वस्त नाम के प्रोजेक्ट का हाल ही में गृहमंत्री अमित शाह ने गांधीनगर में शुभारंभ कराया है।
'कार्ड बंद हो जाएगा, क्रेडिट बढ़ानी पड़ेगी, केवाईसी अपडेट' का फोन आए तो हो जाएं सावधान
साइबर क्राइम ने कहा कि यदि आपके पास आपके क्रेडिट कार्ड के बंद हो जाने, क्रेडिटकार्ड की लिमिट बढ़ाने या फिर पेटीएम पर केवाईसी कराने का फोन आए तो सावधान हो जाएं। प्रलोभन में ना आएं और अपने क्रेडिटकार्ड, डेबिटकार्ड के नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर की जानकारी ना दें। फिर भी यदि भूल से दे दें और आपके खाते से पैसे कट जाएं तो तत्काल 100 नंबर पर फोन करके शिकायत करें।