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आणंद में खुलेगा सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल, गरीब बच्चों को मिलेगी राहत

3 करोड़ की लागत से बनेगा, विधायक ने किया स्कूल का शिलान्यास यह ऐतिहासिक इमारत 1869 में अंग्रेज़ों के शासनकाल में बनाई गई थी आणंद. शहर के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आणंद में 3.01 करोड़ रुपए की […]

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3 करोड़ की लागत से बनेगा, विधायक ने किया स्कूल का शिलान्यास

यह ऐतिहासिक इमारत 1869 में अंग्रेज़ों के शासनकाल में बनाई गई थी

आणंद. शहर के गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आणंद में 3.01 करोड़ रुपए की लागत से सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल बनने जा रहा है। शनिवार को बंद पड़ी मुख्य कुमार शाला (स्कूल) परिसर में इस स्कूल का शिलान्यास विधायक योगेश पटेल ने किया।
गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को कम शुल्क में अंग्रेज़ी माध्यम की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आणंद-वल्लभविद्यानगर-करमसद शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से इस स्कूल के निर्माण के लिए 3.01 करोड़ रुपए की ग्रांट मंजूर की गई है। करमसद-आणंद नगर पालिका ने शहर के बीच स्थित बंद पड़ी मुख्य कुमार शाला की इमारत इस प्रोजेक्ट के लिए उपलब्ध कराई है।
यह ऐतिहासिक इमारत 1869 में अंग्रेज़ों के शासनकाल में बनाई गई थी। इसकी मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए नगर पालिका की ओर से छत की जगह स्लैब डालकर भवन का नवीनीकरण किया जाएगा।

जून 2026 से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

आगामी जून 2026 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में यहां अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। इसके शुरू होने से 250 से अधिक गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।

अब तक शहर में एक भी सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल नहीं था

विधायक योगेश पटेल ने बताया कि आणंद शहर की आबादी लगभग 2.90 लाख है, जिसमें से करीब 1.10 लाख लोग गरीब और मध्यम वर्ग से आते हैं। अब तक शहर में एक भी सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल नहीं था। निजी स्कूलों की ऊंची फीस के कारण अनेक परिवार बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम में पढ़ाने से वंचित रह जाते थे।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की स्वीकृति के बाद इस ऐतिहासिक भवन में सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया गया। स्कूल में आधुनिक कक्षाएं, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाएं, दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप और खेल का मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके शुरू होने से 250 से अधिक गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा।