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राजकोट में गुजरात हाईकोर्ट की बेंच की मांग

राज्यसभा सांसद मोकरिया ने सीएम को लिखा पत्र राजकोट. राजकोट में गुजरात हाईकोर्ट की बेंच की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद राम मोकरिया ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने पत्र में बताया कि यह मांग सबसे पहले राजकोट बार एसोसिएशन की ओर से 2015 में उठाई गई […]

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राज्यसभा सांसद राम मोकरिया

राज्यसभा सांसद मोकरिया ने सीएम को लिखा पत्र

राजकोट. राजकोट में गुजरात हाईकोर्ट की बेंच की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद राम मोकरिया ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को पत्र लिखकर तत्काल कदम उठाने की मांग की। उन्होंने पत्र में बताया कि यह मांग सबसे पहले राजकोट बार एसोसिएशन की ओर से 2015 में उठाई गई थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। राज्य सरकार इस बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है।
वर्ष 2022 में बार एसोसिएशन की मांग के बाद मोकरिया ने तत्कालीन केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा था। इस पर जवाब में कहा गया था कि नई बेंच का निर्णय जसवंत सिंह आयोग की सिफारिशों, सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राज्य सरकार के प्रस्ताव पर मुख्य न्यायाधीश तथा राज्यपाल की मंजूरी पर आधारित होगा।
इसके बाद मोकरिया ने मार्च 2023 में मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा था जिसमें राजकोट में बेंच की आवश्यकता के प्रमुख कारण बताए गए थे। इनमें पोरबंदर, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और कच्छ जैसे दूरस्थ जिलों के लोगों को अहमदाबाद पहुंचने के लिए 500 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है, जो राजकोट में बेंच बनने पर लगभग आधी हो जाएगी।

40 प्रतिशत मामले सौराष्ट्र से

उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि गुजरात हाईकोर्ट में लंबित 40 प्रतिशत मामले सौराष्ट्र से आते हैं। इस कारण अहमदाबाद का केस लोड कम करने के लिए राजकोट में बेंच आवश्यक है। राजकोट का सड़क और रेल से मजबूत संपर्क, जामनगर रोड पर नए सत्र न्यायालय जैसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और पड़ोसी राज्यों में हाईकोर्ट की बेंचों का उदाहरण भी समर्थन के रूप में उल्लेख किया गया था।
इसके बाद गत 2 अगस्त को फिर से राज्य सरकार से लिखित और मौखिक तौर पर भी मांग की गई। इस कारण राजकोट में बेंच की मांग फिर से जोर-शोर से उठी है। मोकरिया के अनुसार, राज्य सरकार ने इस मांग के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण दिखाया है।