
मेक इन इंडिया के चलते मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बढ़ रहा रोजगार, निर्यात : वैष्णव
अहमदाबाद. केंद्रीय रेल, संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मेक इन इंडिया पहल के चलते देश में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में रोजगार और निर्यात बढ़ रहा है। दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए अहमदाबाद में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गुरुवार को उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि देश में आजादी के बाद करीब 50 साल में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र परेशानी में रहा। कांग्रेस के घोषणा पत्र में मेक इन इंडिया चालू करने का उल्लेख होता था। लेकिन सही मायने में इस लागू करने का काम मोदी सरकार ने किया है।
जल्द ही वन ट्रिलियन निर्यात की स्थिति में भारत
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार संभालने के बाद मेक इन इंडिया पहल की शुरुआत की, उसके बाद से इस क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है। स्थिति ये है कि भारत बहुत जल्द ही वन ट्रिलियन डॉलर तक का निर्यात करने की स्थिति में पहुंचने वाला है। उसमें मेक इन इंडिया की अहम भूमिका है। उन्होने कहा कि लंबे समय से निर्यात में सेवा क्षेत्र अग्रणी रहा। आज देश का कुल निर्यात 762 बिलियन डॉलर का है। जिसमें 453 बिलियन डॉलर का योगदान गुड्स का क्षेत्र है। सेवा क्षेत्र में 309 बिलियन डॉलर का निर्यात हो रहा है। पहले सेवा क्षेत्र का योगदान ज्यादा था। अब मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र व गुड्स ने बढ़त ली है। यह मेक इन इंडिया के चलते संभव हुआ है।
साल में 1.80 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार
उन्होंने कहा कि पहले महीने में 6 लाख, साल में 70 लाख लोगों को सीधे रोजगार मिलता था, अब मेक इन इंडिया के कारण मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में महीने में 14 लाख, साल में 1.80 करोड़ लोगों को सीधे रोजगार मिल रहा है। यह आंकड़े कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत कर्मचारियों के हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल में 2 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था। मेक इन इंडिया पहल के कारण वे पूरा होता दिख रहा है।
पिछले साल 0.9 बिलियन डॉलर के मोबाइल का निर्यात
वैष्णव ने कहा कि 10 साल पहले भारत से मोबाइल फोन का निर्यात नहीं होता था, लेकिन पिछले साल 0.9 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ मोबाइल फोन चौथा सबसे ज्यादा निर्यात होने वाला उत्पाद है। 97 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ पेट्रोलियम पदार्थ पहले स्थान पर है। 19 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ फार्मास्युटिकल दूसरे स्थान पर है। 13 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ आयरन व स्टील तीसरे स्थान पर है।
इस साल निर्यात होंगे 1 लाख 25 हजार करोड़ के मोबाइल
वैष्णव ने कहा कि इस साल 4 लाख करोड़ के मोबाइल भारत में उत्पादित होंगे। 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए के मोबाइल निर्यात होंगे। अगले 2 साल में मोबाइल और संचार क्षेत्र में निर्यात पहले स्थान पर होने की संभावना है। मेक इन इंडिया, डिजाइन इन इंडिया, इनोवेटिव इन इंडिया के कारण यह संभव होगा। आज 0.4 बिलियन डॉलर के खिलौने भी निर्यात हो रहे हैं। इलेक्टि्रक एंड मशीनरी के मामले में विदेश पर निर्भर रहने वाले भारत ने इस क्षेत्र में 2022-23 में 11 बिलियन डॉलर का निर्यात किया है।
Published on:
07 Dec 2023 10:26 pm
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