
Education: जलवायु परिवर्तन, जैवविविधता पर संयुक्त शोध करेंगे जीयू व लद्दाख विवि
Ahmedabad. जलवायु परिवर्तन और जैवविविधता के क्षेत्र में गुजरात विश्वविद्यालय (जीयू) और लद्दाख विश्वविद्यालय (एलयू) संयुक्त रूप से शोध करेंगे। पुस्तकालय व सूचना विज्ञान(लाइब्रेरी) और मेडिसिनल प्लांट, भूगर्भ शास्त्र जैसे विषयों पर संयुक्त कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। लद्दाख के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल, लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद लेह (एलएएचडीसी) के मुख्य कार्यकारी पार्षद (सीईसी) ताशी गेलसन ने लद्दाख विवि के लेह परिसर में कुलपति प्रो.एस.के.मेहता की उपस्थिति में हाल ही में गुजरात भवन का उद्घाटन किया। भवन में गुजरात की कला, संस्कृति, सोमनाथ मंदिर, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, एशियाई शेर, खानपान, वेशभूषा, साबरमती आश्रम, चरखा को दर्शाया गया है। यह भवन लद्दाख आने वाले गुजरात के विद्यार्थियों और पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेगा। जीयू स्थित ईएमआरसी के प्रशांत कुहीकर की मदद से इसे तैयार किया गया है। सांसद नामग्याल ने बताया कि पर्यावरण, बुद्धिज्म, ग्लेशियर, जियोलॉजी (भूगर्भशास्त्र), डिफेंस स्टडी, सोलर एनर्जी, हाई एल्टीट्यूड क्षेत्र में स्पोट्र्स में भी संयुक्त Education, प्रशिक्षण, research में अपार अवसर हैं। सीईसी गेलसन ने कहा कि जीयू और लद्दाख विवि दोनों मिलकर क्लाइमेट चेंज, एन्वायरमेंट चेंज के क्षेत्र में काम करेंगे। जिससे दोनों राज्यों व देश के लोगों को फायदा हो।
Education लद्दाख विवि के कुलपति प्रो.एस के मेहता ने बताया कि दोनों ही विश्वविद्यालयों के बीच 2021 में हुए करार (एमओयू) के तहत स्टूडेंट एक्सचेंज को प्राथमिकता देते हुए कई क्षेत्रो में संयुक्त कोर्स शुरू करने का साथ संयुक्त शोध पर फोकस रहेगा। जीयू के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनिबिलिटी (आईआईएस) के निदेशक सुधांशु जांगिड़, जीयू के एसोसिएट प्रो.नैनेश मोदी, जीयू के चीफ लाइब्रेरियन योगेश पारेख की अगुवाई में जीयू के 20 विद्यार्थी लेह पहुंचे। जांगिड़ ने बताया कि विद्यार्थियों ने लद्दाख की संस्कृति, खानपान, वेशभूषा को समझने के साथ लेह व कारगिल परिसर में शिक्षा ली। सिंधु नदी व जन्सकर नदी के संगम स्थल पर प्लास्टिक के कचरे को भी साफ किया।
Published on:
01 Jun 2022 10:02 pm
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