गांधीनगर. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि भारत को ‘सोने की चिडि़या’ की पहचान उसकी उद्यमिता के कारण ही मिली थी। जहां समाज का हर तबका किसी न किसी उद्यमिता से जुड़ा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्टार्टअप और मेक इन इंडिया जैसी पहल से देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिला है। इसके चलते आगामी वर्षों में नवाचार क्षेत्र में बड़ी क्रांति आएगी। भारत विश्वगुरू बनेगा और भारत फिर से सोनी की चिडि़या कहलाएगा।
वे गुरुवार को गांधीनगर में स्थित भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) की स्थापना के 40 साल पूरे होने पर आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गुजरात ऐसी संस्थाओं के प्रयासों से ही विश्व का मार्गदर्शन करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने संस्थान के 40 वर्ष की यात्रा की झांकी पेश करनेवाली कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।संस्थान के अध्यक्ष और आईडीबीआई बैंक के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश शर्मा ने कहा कि इस संस्थान ने उद्यमिता को आंदोलन का स्वरूप दिया है। 40 वर्ष उत्सव समिति के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. मिलिंद काम्बले ने कहा कि उद्यमी दूरदर्शी और परिवर्तन का नेतृत्व करने वाले हैं। संस्थान के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने संस्थान के 40 वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी। डिपार्टमेन्ट ऑफ प्रोजेक्ट्स के निदेशक डॉ. रमण गुजराल ने सभी आभार जताया।