
Health minister Rushkesh Patel and others
अहमदाबाद महानगरपालिका संचालित शहर के वीएस अस्पताल में होने वाले क्लीनिकल रिसर्च के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी), ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) के नियमों के तहत एथिकल कमेटीकी रचना नहीं की गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि अवैध एथिकल कमेटी होने के बावजूद अस्पताल में मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किया जा रहा था। यह तथ्य सामने आने पर मनपा प्रशासन ने 8 चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया है। एक चिकित्सक को निलंबित भी कर दिया है।अब यह मामला राज्य सरकार तक पहुंचा है। विभाग ने भी इसकी जांच के निर्देश दिए हैं।
मनपा प्रशासन को भनक लगी तो एथिकल कमेटी के संबंध में जांच को टीम का गठन किया है। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के तहत अस्पताल के फार्माकोलॉजिस्ट डॉ. देवांग राणा को अनुशासनहीनता व अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया। अन्य आठ चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी। इसके अलावा तत्कालीन चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय किया है।मरीजों की जान से खिलवाड़
बताया जा रहा है कि क्लीनिकल रिसर्च में मरीजों पर दवाइयों का ट्रायल किया जा रहा था। नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे इस ट्रायल में कई मरीजों की जिंदगी को भी खतरे में डाला गया। कई मरीजों को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि कई निजी दवा कंपनियों के लिए ट्रायल किए जाने की आशंका है। इसकी जांच की जा रही है।
पटेलस्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि प्राथमिक जांच में जांच कमेटी ने अनियमितता होने की बात कही है। इसमें पाया गया कि 38 दवाइयों के ट्रायल किए गए। आम तौर पर बड़े अस्पतालों को ट्रायल करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इसके लिए नियम होता है। इसमें नियमों को ताक पर रखा गया, यह गंभीर मुद्दा है। सरकार इस पर जांच कर कड़ी कार्रवाई करेगी।
पठानमनपा में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता शहजाद खान पठान ने आरोप लगाया कि वीएस अस्पताल में अवैध रूप से एथिकल कमेटी ने करीब 500 मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल किए। पार्टी सोमवार को इसके विरोध प्रदर्शन करेगी। मनपा बोर्ड बैठक में भी मुद्दा उठाया जाएगा।
Updated on:
20 Apr 2025 10:36 pm
Published on:
20 Apr 2025 10:35 pm
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