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अहमदाबाद-धोलेरा के बीच बन रहा है छह मार्गीय एक्सप्रेस-वे

express- way, six lane, jetty, Ahmedabad-dholera, SIR, International : बनेंगी ११ जेट्टी व बंदरगाहों का होगा विकास

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अहमदाबाद-धोलेरा के बीच बन रहा है छह मार्गीय एक्सप्रेस-वे

अहमदाबाद-धोलेरा के बीच बन रहा है छह मार्गीय एक्सप्रेस-वे

गांधीनगर. अहमदाबाद से धोलेरा के बीच ११० किमी लंबा और छह मार्गीय एक्सप्रेस-वे बनाया जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (एसआईआर) और प्रस्तावित धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को अहमदाबाद के साथ जोड़ेगा। साथ ही करीब ११ जेट्टी और अलग-अलग बंदरगाहों के विकास की योजना बनाई गई है। औद्योगिक क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी मुहैया कराने के उद्देश्य से लगभग सात रेलवे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट का भी प्रस्ताव है, जिसमें हजीरा बंदरगाह तक रेलवे कनेक्टिविटी और हजीरा के औद्योगिक क्षेत्र से डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) तक रेलवे लाइन कनेक्टिविटी शामिल है।

गुजरात के मैन्यूफेक्चरिंग क्षेत्र के लिए लॉजिस्टिक्स रीढ़ के समान है। राज्य में भविष्य को ध्यान में रखते कई प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं। करीब ५६० किलोमीटर लंबा समर्पित माल ढुलाई गलियारा (डीएफसी) गुजरात से होकर गुजरेगा। इसके साथ रेल आधारित ट्रैफिक को बढ़ाने के लिए फ्रेट लॉजिस्टिक्स पार्क की योजना है। इस प्रोजेक्ट में अकेले गुजरात का ही अनुमानित निवेश लगभग ७,००० करोड़ रुपए है।

कटोसण-बेचराजी गेज परिवर्तन

मौजूदा रेल लाइनों का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। कटोसण-बेचराजी-चाणस्मा-रणोज लाइन पर गेज परिवर्तन प्रोजेक्ट का काम जारी है। राज्य के बंदरगाहों को प्रथम और अंतिम मील तक कनेक्टिविटी प्रदान करने और अन्य रेलवे लाइन प्रोजेक्ट के लिए भी राज्य सरकार ने आयोजन किया है, जिसमें न्यू बेडी और रोजी तथा नारगोल बंदरगाह हैं।
गुजरात की इस एकीकृत लॉजिस्टिक्स एंड लॉजिस्टिक्स पार्क नीति में इसे लेकर भी विचार किया गया है। इस क्षेत्र को ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए इस नीति में अनुसंधान और विकास तथा नवाचार को प्रोत्साहन देने का भी प्रावधान है।

इस नीति के एक भाग के रूप में राज्यभर में लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किया जाएगा। वर्तमान समय में इन्फ्रास्ट्रक्चर का जिस तरह से उपयोग हो रहा है, उसका अध्ययन कर और उसके आधार पर राज्यभर में नए प्रोजेक्ट्स के लिए सामरिक स्थान निर्धारित किए जाएंगे। १० से अधिक सरकारी विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय से यह कार्य होगा, जिसमें बंदरगाह और परिवहन विभाग, सड़क एवं आवास विभाग, जीयूजेएसएआईएल, जी-राइड, जीआईडीसी और जीएमबी शामिल है।