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Ahmedabad civil eye hospital : बच्चों की कम रोशनी को कसरत से वापस लाएगी मशीन

देश में अपनी तरह की पहली मशीन सरकारी आंख अस्पताल में

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Ahmedabad civil eye hospital : बच्चों की कम रोशनी को कसरत से वापस लाएगी मशीन

Ahmedabad civil eye hospital : बच्चों की कम रोशनी को कसरत से वापस लाएगी मशीन

अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल स्थित आई हॉस्पिटल में ऐसी मशीन उपलब्ध करवाई गई है जो कसरत करने से ही बच्चों की कम हुई आंख की रोशनी को लौटा सकेगी। देश में पहली बार इस तरह की दस मशीनें अलग-अलग अस्पतालों में जापान से लाई गई हैं। इनमें गुजरात में यह पहली मशीन है। इस संबंध में रविवार को आयोजित एक सम्मेलन नें लगभग ७० नेत्र विशेषज्ञों ने मशीन के संबंध में प्रशिक्षण भी लिया।
आमतौर पर जन्म लेने के बाद अभिभावकों को पता नहीं होता है कि उनके बच्चों की रोशनी कम है। ऐसे में बच्चे की आंख की रोशनी कम व तिरछी होती चली जाती है। इसे चिकित्सकीय भाषा में एम्बलेपिया अर्थात लेजी आई कहा जाता है। चिकित्सकों के मतानुसार इस समस्या के चलते बच्चे की आंख स्थायी रूप से कमजोर हो जाती है। इस तरह की परेशानी से निजात पाने के लिए जापान की ओर से भारत के दस प्रमुख सेंटरों में ऑक्योलोपेड नामक अनूठी मशीन दी गईं हैं। इस मशीन पर कसरत करने से बच्चे की कमजोर आंख को ठीक किया जा सकता है। देश में पहली बार है जब कसरत के माध्यम से ही बच्चे की कमजोर रोशनी को मशीन लौटा सकेगी।
दिया प्रशिक्षण
सिविल अस्पताल के एम.एंड जे इंस्टीट्यूट (आई हॉस्पिटल) में इंडो जापान कॉलोब्रेशन के अन्तर्गत रविवार को मशीन प्रदान की गई। इस संबंध में आयोजित सम्मेलन में ७० से अधिक नेत्र विशेषज्ञों को मशीन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. हंसा ठक्कर, डॉ. वैशाली प्रजापति, डॉ. जितेन्द्र जेठानी, डॉ, सोमेश अग्रवाल भी मौजूद रहे।
निशुल्क कराई जाएगी कसरत
गुजरात में पहली बार उपलब्ध हुई ऑक्योलोपेड नामक मशीन पर बच्चों को निशुल्क कसरत कराई जाएगी। अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों की आंखों की जांच कर इस मशीन का निशुल्क लाभ लें।
डॉ. हंसा ठक्कर, निदेशक आंख अस्पताल