
Gujarat : गुजरात भर में करोड़ों के बिके फाफड़ा-जलेबी, दुकानों पर देखी गईं लंबी कतारें
Fafda-jalebis sold in crores across Gujarat, long queues seen
गुजरात में जहां उत्तरायण पर उंधियु (मिक्स सब्जी) और जलेबी खाने का चलन है तो वहीं दशहरा पर लोग बड़े ही चाव से फाफड़ा-जलेबी खाते हैं। ऐसी अनूठी परम्परा के लिए पहचान रखने वाले गुजरात में बुधवार को दशहरा पर फाफड़ा-जलेबी की जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने भी खूब जमकर इसका लुत्फ उठाया।
अहमदाबाद समेत गुजरातभर में मिठाई -नमकीन की दुकानों पर सुबह से ही लम्बी-लम्बी कतारें लगी रहीं। कई जगह पर तो मंगलवार मध्य रात्रि के बाद से ही बिक्री शुरू कर दी गई थी। कई जगहों पर हलवाइयों ने अस्थायी तौर पर शामियाने बनाकर फाफड़ा-जलेबी की बिक्री की। दशहरा को देखते हुए दुकानदार एक दिन पहले से ही फाफड़ा बनाने शुरू कर देते हैं ताकि खरीदारी को उनकी मांग को मुताबिक फाफड़ा उपलब्ध कराए जा सकें। वहीं देसी घी के अलावा तेल और डालडा की बनी जलेबी भी बनाई जा रही थी। देसी घी की जलेबी 700 रुपए से लेकर 1100 रुपए प्रति किलोग्राम तक बिक रही थी। वहीं डालडा और तेल में बनी जलेबी 250 से 300 रुपए थी। फाफड़ा भी 500 से लेकर 800 रुपए तक बिके। गुजरातभर में करोड़ों रुपए की फाफड़ा-जलेबी बिक्री हुई। चाहे कितनी भी महंगाई हो लेकिन गुजराती जश्न मनाना नहीं भूलते। हर त्योहार को बड़े ही उत्साह से मनाते हैं। ऐसा ही उत्साह बुधवार को भी देखने को मिला।
अहमदाबाद में नवरंगपुरा, बोपल, नारणपुरा, रखियाल, सेटेलाइट, नेहरूनगर निकोल, नरोडा, मणिनगर समेत क्षेत्रों में सुबह से ही दुकानों पर खासी भीड़ देखी गई। गांधीनगर में भी कई जगहों पर अस्थायी शामियाने बनाकर जलेबी-फाफड़े की बिक्री करते दुकानदार दिखे। सडक़ों के किनारे कार खड़ी कर लोग कतारों में खड़े होकर खरीदारी करते देखे गए। विजयादशमी के दिन घर-घर में लोगों ने फाफड़ा-जलेबी का लुत्फ उठाया। लोगों की खातिरदारी के लिए शहर में स्थायी दुकानों के अलावा जगह-जगह फाफड़ा-जलेबी के अस्थायी स्टॉल लगाए गए। साल भर अन्य वस्तुओं की बिक्री करने वाले अनेक लोगों ने भी फाफड़ा-जलेबी के अस्थायी स्टॉल लगाए। हालांकि अधिकांश कार्यालयों में दशहरा पर अवकाश होता है, लेकिन जो कार्यालय खुले थे वहां भी विशेषतौर पर फाफड़ा जलेबी खाने का लुत्फ उठाया गया।
महंगाई कोई मायने नहीं रखती
गांधीनगर में महेशभाई ने कहा कि यूं तो जलेबी-फाफड़ा सालभर बिकता है, लेकिन दशहरा पर तो विशेषतौर पर फाफड़ा -जलेबी खरीदकर खाते हैं। फिर भले कतार लगानी पड़े या फिर चाहे महंगी हों। अहमदाबाद के नेहरूनगर के एक दुकान में कतार में लगे नरेश पटेल ने कहा कि भले ही एक घंटे से ज्यादा कतार में लगना पड़़े लेकिन आज के दिन फाफड़ा-जलेबी खाकर ही संतोष होगा। उधर, वडोदरा, जामनगर, राजकोट सहित गुजरातभर में भी ज्यादातर घरों में मुख्य व्यंजन फाफड़ा-जलेबी ही रहा।
Updated on:
05 Oct 2022 11:15 pm
Published on:
05 Oct 2022 11:04 pm
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