
Father Valles: . स्पेन में जन्मे गुजराती लेखक फादर वॉलेस नहीं रहे
अहमदाबाद. गुजराती भाषा के वयोवृद्ध लेखक व जाने-माने स्तंभकार फादर वॉलेस नहीं रहे। 95 वर्ष की उम्र में स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रविवार देर रात उनका निधन हो गया। 4 नवम्बर 1925 को जन्मे कार्लोस गोंजालेज वॉलेस पांच दशकों तक भारत में रहे। 1949 में मिशनरी के रूप में भारत आने के बाद उन्होंने मद्रास विवि से गणित में एम.ए. की पढ़ाई की। वहीं पर उन्होंने अंग्रेजी भाषा भी सीखी। वर्ष 1960 में जब वे अहमदाबाद आए तो उन्हें दो वर्षों तक गुजराती भाषा सीखनी पड़ी क्योंकि उन्हें अहमदाबाद के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाना था।
गुजराती, अंग्रेजी व स्पेनिश भाषा में लिखने वाले वॉलेस ने अहमदाबाद में गणित में अध्यापन आरंभ किया। उन्होंने गुजराती पुस्तक सदाचार लिखी। बाद में उन्होंने गुजराती भाषा में कई स्तंभ लिखना आरंभ किया।
गुजराती साहित्य का मिला सबसे बड़ा पुरस्कार
गुजरात सरकार की ओर से उन्हें निबंध के लिए पांच बार पुरस्कार दिया गया। उन्हें वर्ष 1966 में कुमार चंद्रक से नवाजा गया। गुजराती साहित्य के सबसे बड़े पुरस्कार-रंजीतराम सुवर्ण चंद्रक- भी उन्हें प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें वर्ष 1978 में मिला। वे यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले विदेशी थे। घरेलू संस्कृति व लोगों की समझ को लेकर लिखने के लिए उन्हें वर्ष 1995 में आचार्य काकासाहेब कालेलकर अवार्ड मिला। वर्ष 1997 में उन्हें रामकृष्ण जैदालाल हारमनी अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें संतोकबा अवार्ड भी प्रदान किया गया।
Published on:
09 Nov 2020 08:45 pm
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