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गुजरात में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए अनुकूल माहौल : राघवजी

विदेश में भी निर्यात की अपार संभावनाएं आणंद मेें वाइब्रेंट गुजरात प्री-समिट कुल 55 एमओयू में से सात पर हस्ताक्षर

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गुजरात में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए अनुकूल माहौल : राघवजी

गुजरात में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए अनुकूल माहौल : राघवजी

आणंद. 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट से पहले कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए गुजरात की लॉजिस्टिक ताकत का लाभ उठाने पर यहां अमूल के सरदार वल्लभभाई पटेल ऑडिटोरियम में गुरुवार को प्री-समिट का आयोजन किया गया।

राज्य के कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित प्री-समिट का उद्घाटन कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों के लिए अनुकूल माहौल है। विदेश में भी निर्यात की अपार संभावनाएं हैं।कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने आधुनिक सड़क नेटवर्क, रेलवे नेटवर्क, हवाई नेटवर्क के साथ उत्साहवर्धक नीतियां बनाई हैं। ताकि गुजरात से देश और विदेश में निर्यात के लिए परिवहन में कोई असुविधा न हो। उन्होंने निवेशकों से इसका लाभ उठाने की अपील की।

पटेल ने कहा कि गुजरात पूरे देश का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक राज्य है। चूंकि गुजरात वैश्विक निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन गया है, इसलिए कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में पूंजी निवेश किसानों के भविष्य को बेहतर बनाने और देश को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

11 प्रतिशत कृषि विकास दर के साथ गुजरात संपूर्ण देश में अग्रसर

कृषि मंत्री पटेल ने गुजरात में कृषि विकास की भूमिका बताते हुए कहा कि वर्ष 2001-2002 में गुजरात की कृषि विकास दर 8.6 प्रतिशत थी, इस दौरान देश की कृषि विकास दर केवल 3.2 प्रतिशत थी। आज 11 प्रतिशत कृषि विकास दर के साथ गुजरात संपूर्ण देश में अग्रसर है।

राज्य में 30 हजार से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां

सहकारिता राज्यमंत्री जगदीश विश्वकर्मा ने कहा कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण में तकनीकी उन्नति के साथ-साथ मूल्य संवर्धन ही भविष्य का रास्ता है। यह सेक्टर सबसे ज्यादा रोजगार दे सकता है। राज्य में 30 हजार से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां चालू हैं और निर्यात के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के कारण अधिशेष उत्पादों के मूल्यवर्धन की गुंजाइश बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया में लोगों की खान-पान की आदतें बदल रही हैं, तो विदेश में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐसे खाद्य उत्पाद बनाएं जो लोगों के लिए सुविधाजनक और स्वास्थ्यवर्धक हों।

कृषि राज्यमंत्री बचु खाबड़ ने गुजरात में पैदा होने वाले विभिन्न प्रकार के अनाज, मसाले, फल, सब्जियां आदि का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में गुजरात ने कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों में काफी प्रगति की है, जिसके परिणामस्वरूप आज गुजरात कृषि क्षेत्र में देश में अग्रणी है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्राकृतिक आपदा के दौरान भी सरकार किसानों के साथ खड़ी रही है। ऐसे में किसानों को भी अपनी कृषि उपज के मूल्य संवर्धन की ओर मुड़ना होगा।राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डाॅ. मिनेश शाह, आईआईएम-ए के विजिटिंग प्रोफेसर वसंत गांधी, कृषि, किसान कल्याण और सहयोग विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव ए.के. राकेश, जीएआईसीएल के प्रबंध निदेशक डी एच शाह, गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने भी विचार व्यक्त किए।

इस दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के लिए कुल 55 एमओयू में से मंत्री की मौजूदगी में सात एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने मोबाइल वेटरनरी यूनिट का शुभारंभ भी किया।