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राजकोट।जिले के गोंडल में उमवाडा रोड स्थित रामराज्य जिनिंग मिल के गोदाम में रखी मंूगफली में ३० जनवरी को लगी आग के संबंध में चल रहे तर्क-वितर्कों के बीच सीआईडी क्राइम के डीआईजी दीपांकर त्रिवेदी ने कहा कि आग किसी ने लगाई नहीं थी, बल्कि गोदाम मालिक एवं वेल्डरों की लापरवाही के चलते वेल्डिंग स्पार्क से आग लगी थी। आग की घटना में लापरवाही सामने आने पर गोदाम मालिक, संचालक व वेल्डरों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
राजकोट में संवाददाता सम्मेलन के दौरान डीआईडी त्रिवेदी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लापरवाही के मामले में गोदाम मालिक दिनेश सेलाणी, प्रबंधक मयूर उर्फ महेन्द्रसिंह डाभी, वेल्डर उमेश मेहता, कमलेशगिरी गोस्वामी, रणवीर विसााणी एवं मिलन गोंडलिया शामिल हैं। जांच टीम ने गोदाम में काम करने वाले चौकीदार एवं मजदूरों से पूछताछ की, जिसमें गोदाम में वेल्डिंग स्पार्क से आग लगने का मामला सामने आया। ऐसे में टीम ने सोमवार देर रात को ही सभी को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि इन सभी को पता था कि गोदाम में मूंगफली रखी हैं और वेल्डिंग के कारण आग लग सकती है, फिर भी उन्होंने वेल्डिंग का काम चालू रखा और वेल्डिंग में स्पार्क के कारण लगी आग ने भीषण रूप धारण कर लिया था।
आग काबू में, लेकिन अंदर धुआं
उन्होंने बताया कि आग काबू में आ गई है, लेकिन अंदर के भाग में अभी भी धुआं होने के कारण पूर्ण रूप से आग काबू में आने में कम से कम १२-१५ दिन लग जाएंगे।
बीमा के संबंध में भी होगी जांच
उन्होंने बताया कि गोदाम में जो मूंगफली थी, उसके रुपए किसानों को मिल गए हैं और मूंगफली खरीदने वाली सभी मंडलियों के संचालकों को भी वित्त मिल गया है। गोदान का कस्टोडियन गुजकोट का है। गुजकोट ने प्रदेश में इस प्रकार के २८ गोदाम मूंगफली के लिए किराए पर लिए थे। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कम्पनी में १६५ करोड़ का बीमा कराया गया। आग दुर्घटनावश ही लगी, लेकिन गोदाम के मालिक व प्रबंधक ने जिस तरह आग की बात छिपाई और लापरवाही के कारण समय पर फायरब्रिगेड की मदद नहीं लेने के कारण मूंगफली जल गई।
आग की जांच पूरी, मूंगफली की जांच होगी
त्रिवेदी ने बताया कि आग के कारणों की जांच पूरी हो गई है। अब मूंगफली का जत्था गैरकानूनी रूप से इधर-उधर करने के संबंध में जांच की जाएगी। ५ जनवरी से २२ जनवरी तक गोदाम में १३ मंडलियों की ओर से मूंगफली लाई गई थी। इस संबंध में मंडली के रजिस्ट्रर एवं गोदाम के रजिस्ट्रर व वे-ब्रिज में क्रॉस जांच की जाएगी। गोदाम के दोनों ओर दो टोलनाके होने से टोलनाके की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मूंगफली की हेराफेरी के संबंध में जांच की जाएगी।
गोदाम में २८ करोड़ का माल था
गोदाम में राज्य सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीदी गई एक लाख ३५ हजार ९५७ बोरियां थीं, जिनकी कीमत २८ करोड़ रुपए बताई जा रही है। भीषण आग के कारण गोदाम में रखी मूंगफली जलकर खाक हो गई। आग भी इतनी भीषण थी कि सातवें दिन सोमवार को काबू में आई।
नेताओं की संलिप्तता के आरोप लगे थे
दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से खरीदी गई करोड़ों रुपए की मूंगफली में लगी आग में राजनैतिक अग्रणियों की संलिप्तता के आरोप लगने के कारण मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने जांच सीआईडी क्राइम को सौंपी थी। सीआईडी क्राइम के डीआईजी त्रिवेदी सहित टीम पिछले चार दिनों से गोंडल में जांच की, जिसमें एफएसएल की मदद ली गई।
जिनिंग मिल से हुई विद्युत आपूर्ति!
गोदाम में विद्युत कनेक्शन नहीं होने के बावजूद वेल्डिंग का काम चालू होने के मामले में जांच की गई, जिसमें उजागर हुआ है कि गोदाम के पास स्थित रघुवीर जीनिंग मिल से गोदाम मालिक के कहने पर गैरकानूनी रूप से विद्युत आपूर्ति ली गई और वेल्डिंग का कार्य शुरू किया था। गोदाम मालिक के कहने पर मजदूरों ने वेल्डिंग के साधन हटा लिए और सबूत नष्ट करने का मामला सामने आया है।
Published on:
07 Feb 2018 06:56 am
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