गिरफ्तार आरोपियों में एक वकील समेत दो महिला शामिल
अहमदाबाद शहर के साबरमती क्षेत्र स्थित कलक्टर कार्यालय परिसर के सब रजिस्टार कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने जाल बिछाकर दो वकील समेत पांच आरोपियों को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा। उधर भीड़ का लाभ लेकर एक आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में दो महिला भी शामिल है।मामले के अनुसार इस प्रकरण के शिकायतकर्ता के एक भाई की मृत्यु हो चुकी है। मृतक भाई के अविवाहित होने के चलते उसकी संपत्ति से संबंधित कोई सीधे तौर पर उत्तराधिकारी नहीं था। मृतक के अन्य भाई-बहन का नाम उत्तराधिकारी के रूप में दर्ज था। शिकायतकर्ता मृतक भाई के उत्तराधिकारी के रूप में अपना नाम दर्ज कराना चाहता था। इसके लिए उसने साबरमती में कलक्टर ऑफिस परिसर के रजिस्ट्रार कार्यालय में वकील राजेश कुमार उर्फ राजा प्रजापति (30) से संपर्क किया। इस काम के एवज में वकील राजेश ने निर्धारित 14,850 रुपए का शुल्क ऑनलाइन लेकर दस्तावेज की फीस भी ले ली थी।
इसके बाद वकील राजेश ने शिकायतकर्ता से एक सवाल (क्वेरी) के निराकरण के लिए सब रजिस्ट्रार को 75 हजार रुपए रिश्वत के रूप में देने की बात कही। हालांकि शिकायतकर्ता यह नहीं चाहता था। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में एसीबी को अवगत कराया। एसीबी ने मंगलवार को साबरमती स्थित कलक्टर कार्यालय परिसर के सब रजिस्ट्रार ऑफिस में आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ने के लिए जाल बिछाया। वकील राजेश, कुश मेहता तथा महिला वकील भारती परमार नामक तीन लोगों ने रिश्वत की राशि स्वीकार की। इस राशि को कंप्यूटर ऑपरेटर समेत छह लोगों के बीच बांट लिया गया। इसी समय एसीबी की टीम ने पहुंचकर सभी को रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया।
एसीबी ने इस आरोप में वकील राजेश कुमार उर्फ राजा प्रजापति (30) , वकील भारती परमार (49), करार आधारित कंप्यूटर ऑपरेटर दलपतसिंह ठाकोर (42), करार आधारित स्कैनिंग ऑपरेटर ख्याति जोशी (42) तथा आम नागरिक कुश मेहता (34) को गिरफ्तार किया। इसी मामले में करार आधारित कर्मचारी बलदेव परमार भीड़ का लाभ लेकर चकमा देकर भाग गया।
इस मामले में अहमदाबाद शहर एसीबी पुलिस थाने ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इन सभी आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने इन आरोपियों को गुरुवार तक के पुलिस रिम्ण्ड पर सौंपा।