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Ahmedabad: सरकारी नेत्र अस्पताल में जरूरतमंद 350 बच्चों को उपलब्ध कराए मुफ्त लेंस

अहमदाबाद शहर के सिविल मेडिसिटी स्थित सरकारी नेत्र अस्पताल में पिछले डेढ़ वर्ष में जरूरतमंद लगभग 350 बच्चों को मुफ्त में लेंस उपलब्ध कराए गए। इन विशेष लेंस की खूबी यह बताई गई कि लंबे समय तक चलने के कारण बच्चों का विजन बना रहता है। गैर सरकारी संस्था जीव दया फाउंडेशन की ओर से […]

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File photo hospital

अहमदाबाद शहर के सिविल मेडिसिटी स्थित सरकारी नेत्र अस्पताल में पिछले डेढ़ वर्ष में जरूरतमंद लगभग 350 बच्चों को मुफ्त में लेंस उपलब्ध कराए गए। इन विशेष लेंस की खूबी यह बताई गई कि लंबे समय तक चलने के कारण बच्चों का विजन बना रहता है। गैर सरकारी संस्था जीव दया फाउंडेशन की ओर से आंखों के ये लेंस नि:शुल्क दिए जाते हैं।फाउंडेशन की अपर्णा सिंह ने बताया कि ये लेंस विदेश से मंगवाए जाते हैं। जिन बच्चों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है या अन्य कारणों से लेंस लगाने की जरूरत होती है उन्हें ये लेंस दिए जाते हैं। बच्चों के लंबे जीवन के लिए उन्हें अच्छे और लंबे चलने वाले लेंस की जरूरत होती है। ऐसे में ये लेंस उन्हें उपयोगी साबित हो रहे हैं। फाउंडेशन के संस्थापक विनय जैन की ओर से मुहैया कराए जाने वाले इस तरह के लेंस अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल के बाद अब ब्लाइंड पीपुल एसोसिएशन (बीपीए) से जुड़े बच्चों को भी दिए जाने की योजना है। नवसारी व अन्य जगहों पर भी बच्चों को लेंस दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार 21वर्ष तक की आयु में भी फाउंडेशन की ओर से लेंस निशुल्क दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा अस्पतालों में जरूरतमंदों को इस तरह के लेंस दिए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली समेत कई राज्यों में फाउंडेशन की ओर से अनेक मरीजों को यह लाभ मिला है।

मरीजों को अच्छा अनुभव

सरकारी नेत्र अस्पताल की निदेशक डॉ. स्वाति देवनहल्ली व वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ. सोमेश अग्रवाल के अनुसार जिन-जिन मरीजों को इस तरह के लेंस लगाए गए हैं उन्हें अच्छा अनुभव हुआ है। पिछले एक वर्ष में ही लगभग अस्पताल में 300 मरीजों को यह लाभ मिला। लेंस को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दैनिक गतिविधियों के लिए चश्मे के सहारे की जरूरत कम हो जाती है। इस लेंस से मोतियाबिंद का इलाज हो जाता है। साथ ही चश्मे के बिना भी पढ़ने व अन्य कार्य किए जा सकते हैं।