गांधीनगर. जी -20 के तहत गुजरात में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुजरात पर्यटन कार्य समूह (टीडब्ल्यूजी) की पहली बैठक कच्छ के रण में आयोजित होगी। इसकी शुरुआत सात फरवरी से होगी।
आर्थिक मामलों की प्रधान सचिव और जी -20 कार्यक्रमों की नोडल अधिकारी मोना खंधार ने शुक्रवार को गांधीनगर में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि बैठक में समुदायिक सशक्तीकरण के लिए ग्रामीण पर्यटन और गरीबी उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) के टूरिज्म मार्केट इंटेलिजेंस और कॉम्पिटिटिवनेस की प्रमुख सांद्रा कारवाओ अपना अनुभव और ज्ञान साझा करेंगी। यूएनडब्ल्यूटीओ एक पैनल चर्चा भी संचालित करेगा, जिसका विषय ‘कैसे पर्यटन नीति ग्रामीण विकास में पर्यटन के योगदान का समर्थन कर सकती है’ होगा। वक्ताओं में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी), एशियाई विकास बैंक (एडीबी), अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) तथा इंडोनेशिया, इटली, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, जापान, सऊदी अरब और अर्जेंटीना के प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रतिनिधियों को कच्छ के सफेद रण (रेगिस्तान) में घूमने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री प्रतिनिधियों के लिए कच्छ क्षेत्र की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने वाले एक सांस्कृतिक कार्यक्रम और भव्य रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला 8 फरवरी को पर्यटन कार्य समूह की बैठक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद 5 प्राथमिकता वाले मुद्दों- हरित पर्यटन, डिजिटलीकरण, कौशल, टूरिज्म एमएसएमई और डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पर कार्य सत्रों का आयोजन होगा। 9 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि कच्छ के सफेद रण में आयोजित होने वाले योग सत्र में हिस्सा लेंगे। फिर वे हड़प्पा सभ्यता के केंद्र और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल धोलावीरा भी जाएंगे। 10 फरवरी को पर्यटन कार्य समूह की बैठक के लिए पहुंचे प्रतिनिधिगण स्मृति वन स्मारक का दौरा करेंगे। सम्मेलन में गुजरात के पर्यटन सचिव हारित शुक्ला एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त आलोक पांडेय मौजूद रहे।