
Gujarat: एयरोस्पेस में शिक्षा, शोध को गति शक्ति विश्वविद्यालय ने एयरबस से मिलाया हाथ
Ahmedabad. वडोदरा में स्थित भारतीय रेलवे की गति शक्ति यूनिवर्सिटी (जीएसवी) और एयरबस ने भारतीय विमानन क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए एयरोस्पेस में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है।
नई दिल्ली के रेल भवन में हाल ही में एयर बस इंडिया के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक रेमी मेलार्ड और गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जया वर्मा सिन्हा की उपस्थिति में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इससे पूर्व एयरबस और टाटा ने गुजरात के वडोदरा में सी-295 विमान की डिजाइन, नवाचार, निर्माण और विकास के लिए एक साझेदारी की घोषणा की थी। एयरबस दुनिया में वाणिज्यिक विमानों का सबसे बड़ा निर्माता है और हेलीकॉप्टरों, रक्षा एवं अंतरिक्ष उपकरणों का एक प्रमुख निर्माता है।
जीएसवी में उद्योग के सहयोग से तैयार होंगे कोर्सरेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) प्रबल उद्योग-अकादमिक साझेदारी पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। इसके सभी कोर्स उद्योग के सहयोग से तैयार किए जाएंगे। जीएसवी में अध्ययन करने वाले छात्र उद्योग के लिए तैयार होंगे। परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में रोजगार के लिए उनकी अत्यधिक मांग होगी। एयरबस के साथ समझौता इस लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत में एयरोस्पेस पारिस्थिति तंत्र के विकास को प्रतिबद्ध: मेलार्ड
एयरबस इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रेमी मेलार्ड ने कहा कि उनकी कंपनी में भारत में एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मानव पूंजी विकास में निवेश करने की अपनी जिम्मेदारी को वे समझते हैं। जीएसवी के साथ हुई यह साझेदारी देश में कुशल कार्यबल का एक मजबूत तंत्र विकसित करेगी। जिससे भविष्य में भारत में तेजी से बढ़ते एयरोस्पेस क्षेत्र की सेवा में मदद मिलेगी। इससे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप छात्रों को नौकरी के अवसर सृजित होंगे। एयरबस भारतीय परिचालन में 15,000 छात्रों को नौकरियों के अवसर प्रदान करेगा।
Published on:
08 Sept 2023 10:48 pm
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